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अहमदाबाद अस्पताल में हुआ 6 अगस्त अग्निकांड, 8 मरीजों की मौत! चलिए जानते है क्या है पूरा

गुरूवार को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित नवरंगपुरा के श्रेय अस्पताल में भयावह आग लग गई. जिसके कारण 8 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. नवरंगपुरा इलाके का श्रेय अस्पताल मुख्यतौर से कोरोना मरीजों के लिए जाना जाता है,  मगर 6 अगस्त की भोर में लगभग 3-सवा 3 बजे, ज़रा सी लापरवाही के कारण अस्पताल में आग लगी और उसने इतना भयानक रूप ले लिया कि उसकी चपेट में पूरा का पूरा icu वार्ड ही आ गया जिसके चलते 8 मरीजों की जान चली गई और पैरा मेडिकल का एक स्टाफ बुरी तरह से घायल हो गया.

बताया जा रहा है कि, आग के फैलने से icu में मरने वाले सभी मरीज़ कोरोना पॉजिटिव थे जिनमे 5 पुरुष और 3 महिलाओं की पुष्टि की जा रही है. ख़बर के आते ही, नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि एक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी. वहीँ, अग्निशमन के मुख्य अधिकारी, राजेश भट्ट का कहना है आग इतने बड़े पैमाने पर फ़ैल चुकी थी कि उस पर काबू पाने में लगभग 1 घंटे का समय लग गया. इतनी ज़्यादा अफरा-तफरी के चलते कुछ लोगों की जान चली गई. उनका कहना है कि, वहाँ पर लगभग 40 और कोरोना पॉजिटिव मरीज़ थे जिन्हें अब एस.पी.वी अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है.

जितने भी अग्निशमन के कर्मचारियों ने कोरोना मरीजों के संपर्क में आकर उन्हें बचाया है, उन सभी कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया गया है. साथ ही, उस इलाके की पुलिस ने पूरा मामला दर्ज कर लिया है, उनका कहना है कि जांच शुरू हो गई है और दोषी व्यक्तिओं के खिलाफ़ सख्त कार्यवाही की जायेगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुर्घटना पर शोक ज़ाहिर करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि, उनकी गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से बात हुई है. जितने भी परिवार इस हादसे से प्रभावित हुए हैं, प्रशासन उनको हर संभव मदद प्रदान करने के लिए तैयार है. पी.एम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रूपए देने की घोषणा कर दी है.

इसके अलावा, दुर्घटना में घायल हुए लोगों को प्रशासन की तरफ से 50-50 हज़ार रूपए की आर्थिक सहायता दी जायेगी. वहीँ, मुख्यमंत्री रूपाणी ने हादसे के तुरंत बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य सचिव, संगीता सिंह को आदेश दिया है कि जांच प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाए और ज़िम्मेदार लोगों के नाम की फाइल अगले 3 दिन के अन्दर सबमिट हो जानी चाहिए.

इस तरह की घटनाओ से सरकार को सीख लेते हुए सभी अस्पतालो चाहे वो सरकारी हो या गैरसरकारी उनकी  सुरक्षा की जाँच करनी चाहिए जिससे की भविष्य में इस तरह की घटनाओ पर रोक लगाई जा सके.

फ़िलहाल के लिए इतना ही. देश दुनिया और अपने शहर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें मीडिया दरबार के साथ…

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