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आईफ़ोन क्यों है इतना महंगा, क्या है असली वजह?

मोबाइल मार्केट का सबसे महंगा फ़ोन आईफोनके महंगा होने के पीछे क्या है कारण? इसके कौन से फीचर लोगों को सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं, जानिये इस लेख में।

I PHONE
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मोबाइल मार्केट में वैसे तो कई लोगों को सस्ती रकम के फ़ोन काफी भाते हैं पर उच्च वर्गीय लोगों, जिनकी आय सामान्य से काफी अधिक होती है उन लोगों के दिमाग में सबसे पहला विकल्प “आईफ़ोन” का ही आता है।  पर क्या कभी किसी ने सोचा है की आईफ़ोन इतना महंगा क्यों है? इसके पीछे आखिर वजह क्या है? तो जान लीजिये आईफ़ोन के महंगे होने के मुख्य कारण। लेकिन इस से पहले लोग एक सवाल का जवाब भी जानना चाहते हैं की आईफोन किस देश की कंपनी में निर्मित किया जाता है और इसकी शुरुआत कब हुई थी।  तो आपको बता दें की आईफ़ोन अमेरिका में स्थित एप्पल कम्पनी का एक प्रोडक्ट है और यह दुनिया में एकलौती ऐसी कंपनी है जिसका कंप्यूटर हो चाहे स्मार्ट फ़ोन, इस कम्पनी के सभी प्रोडक्ट्स सबसे ज्यादा महंगे होते हैं।  जिस कम्पनी की स्थापना 1 अप्रैल 1976 को हुई थी. पर सवाल अभी भी यही है की ये प्रोडक्ट्स इतने महंगे क्यों हैं? आईफोन एक ऐसा फ़ोन है जिसका स्टॉक महंगा होने के बावजूद भी, मार्केट में आते ही फटाफट बिक जाता है।  कुछ लोगों इस फ़ोन को स्टेट्स सिम्बल के नज़रिए से खरीदना पसंद करते हैं तो कुछ लोग इसे इसके बेहतरीन फीचर की वजह से खरीदते हैं। अब आपको बताते हैं की इस फ़ोन में ऐसे क्या अतरंगी फीचर्स हैं जिसकी वजह से लोग इतना महंगा फ़ोन खरीदने को भी तैयार हो जाते हैं।

पहला है इसका रेटिना डिस्प्ले ,

आईफ़ोन में रेटिना डिस्प्ले का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें पिक्सेल की संख्या सामान्य फ़ोन के डिस्प्ले की तुलना में कही अधिक होती है। अब आप सोच रहे होंगे की इस फीचर से इसकी मांग में बढ़त कैसे हो सकती है? तो आपको बता दें की रेटिना डिस्प्ले में पिक्सेल की संख्या अधिक होने से पिक्चर क्वालिटी बढ़ जाती है जिस से खींची गयी तस्वीर शानदार आती है।  इसके अलावा इस फीचर के कारण व्यक्ति की आँखों को ज्यादा नुक्सान नहीं पहुंचता।  इस फीचर को काफी कम कम्पनियां अपने मोबाइल में शामिल करती हैं क्योंकि रेटिना डिस्प्ले की लागत अधिक होने के कारण ज्यादा कम्पनियां इस से आकर्षित नहीं होती इसलिए रेटिना डिस्प्ले का इस्तेमाल दुनिया की टॉप मोस्ट कम्पनियां ही करती हैं।  इसलिए रेटिना डिस्प्ले फ़ोन काफी महंगे होते हैं।

दूसरा है इसकी कैमरा क्वालिटी,

आईफोन की कैमरा क्वालिटी का ज़िक्र कभी नहीं ख़त्म होता क्योंकि इस स्मार्ट फ़ोन की सबसे बड़ी खासियत इसका कैमरा ही होता है। एप्पल कम्पनी ने इस फ़ोन के कैमरा को बनाने के लिए 800इंजीनियर्स की टीम बना रखी है जिस से आप अंदाजा लगा सकते हैं की इस फ़ोन के कैमरे को बनाने के लिए कितनी जद्दोजहत करनी पड़ती होगी।  इतना ही नहीं जब कैमरा बनकर तैयार हो जाता है तो 200 कंप्यूटर्स के ज़रिये इसकी जांच की जाती है, जिसे पूरी टीम अलग अलग लाइटों में टेस्ट करती है।  इसलिए बाकी स्मार्ट फ़ोन कैमरा की तुलना में आई फ़ोन का कैमरा बेहतरीन होता है।  जो इसकी रकम में और इजाफा कर देता है।

तीसरा है, इसका प्रोसेसर,

अक्सर लोगों को उनके स्मार्ट फ़ोन से एक शिकायत होती है, की एक निर्धारित समय के बाद फ़ोन हैंग होना शुरू हो जाता है।  पर आईफोन के साथ किसी भी ग्राहक को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। क्योंकि बाकी सभी स्मार्ट फ़ोन बनाने वाली कम्पनियां किसी थर्ड पार्टी का प्रोसेसर का उपयोग करते हैं जबकि एप्पल एकलौती ऐसी कंपनी है जो अपना खुद का प्रोसेसर बनाती है। जिस वजह से इसके ग्राहकों को आज तक फ़ोन हैंग होने की शिकायत नहीं करनी पड़ी है। अब क्योंकि कम्पनी ने अपना खुद का प्रोसेसर इस्तेमाल किया है तो इसको बनाने में लागत भी काफी अधिक आती है जो इस फ़ोन के महंगा होने की तीसरी वजह है.

चौथा है, ऑपरेटिंग सिस्टम,

दुनिया की लगभग सभी स्मार्ट फ़ोन बनाने वाली कम्पनियां गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम “एन्ड्राइड” का इस्तेमाल करती हैं जबकि एप्पल एकमात्र ऐसी कम्पनी है जिसके आईफोन में इसका खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे आईओएस के नाम से जाना जाता है।  जिसे एक सर्वे के अनुसार एनड्राइड के बाद सबसे ज्यादा उपयोग किया गया है और तो और इसे एनड्राइड से कही ज्यादा सुरक्षित बताया गया है।

तो इन सब खासियतों के बाद आप समझ ही गए होंगे की आईफ़ोन आखिर इतना महंगा क्यों है? यह 4 ऐसे मुख्य कारण है जिस वजह से “आईफ़ोन” को मोबाइल मार्किट का राजा कहा जाता है।  इसके अलावा इस फ़ोन में कही अधिक लागत की चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है।

जयन्ती झा

मीडिया दरबार

 

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