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आरफा खानम शेरवानी The Wire की एंकर एक बार फिर विवादों में

आरफा खानम RJD सुप्रीमो को लेकर विवादों में

चारा घोटाले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को गंभीर हालत में कल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) लाया गया|

आरफा खानम
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जानकारी के मुताबिक उनकी तबियत ज्यादा खराब होने पर उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल से चार्टड प्लेन के जरिये कल दिल्ली लाया गया| लालू प्रसाद को सास लेने तकलीफ और किडनी में इन्फेक्सन की समस्या बताई जा रही है फिलहाल उन्हें एम्स के क्रिटिकल केयर यूनिट रखा गया है|

लालू प्रसाद यादव को गंभीर हालत  लाया गया AIIMS

जहा उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक टीम बनाई जा रही है दिल्ली के एम्स अस्पताल में डॉ राकेश यादव की देख रख में उनका इलाज किया जाएगा

चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे लालू यादव आये दिन अपनी जमानत की अर्जी लगाते रहेते है और लगातार उनकी ये अर्जी खरिज हो जाती है बीते महीने भी उनकी जमानत की अर्जी को ख़ारिज करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत की सुनवाई को छह हफ्तों के लिए टाल दिया था|

जमानत की अर्जी हुई थी ख़ारिज

आरफा खानम
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जिसके बाद RJD सुप्रीमो की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के किये बिना ही रांची के राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक कामेश्वर प्रसाद के सरकारी बंगले में स्थानांतरित कर दिया गया था|

जिसे लेकर बीते शुक्रवार सुनवाई के दौरान झारखंड उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी थी और कहा था की सरकार कानून से चलती है|

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किसी व्यक्ति विशेष से नहीं जिसके बाद उन्हें रिम्स अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था इसपर विवाद चल ही रहा था की इसी बीच खबर आई की लालू प्रसाद यादव की तबियत ज्यादा नासाज़ होने के बाद उन्हें अब दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कर दिया गया है|

इस खबर के बाद लालू प्रसाद यादव के समर्थको ने अपने नेता के लिए इन्साफ की मांग शुरू कर दी हालाँकि वो बात अलग है की पूरी क़ानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें ये सजा सुनाई गई थी|

The Wire की एंकर आरफा खानम शेरवानी ने किया ट्वीट

इसके बाद भी लालू प्रसाद यादव की बिगडती हालत के बाद उनके समर्थकों का अपने नेता के लिए आंसू बहाना शुरू हो गया, इसी बीच अक्सर अपने बयानों के लिए विवादो में घिरी रहने वाली the wire की एंकर आरफा खानम शेरवानी, ने भी एक ट्वीट किया अरफा ने ट्वीट कर लिखा-

आरफा खानम ने ट्वीट कर लिखा-

सांप्रदायिक दंगों और आतंकवाद के आरोपी संसद में बैठे हैं और दलितों-पिछड़ों के मसीहा लालू यादव जेल में हैं। ये कैसा इंसाफ़ है ? ये कहाँ का इंसाफ़ है ?

अब किसी नेता या पार्टी के समर्थक ये लिखे तो तो कोई बड़ी बात नहीं लेकिन एक पत्रकार आरफा खानम अगर ऐसे सवाल करे वो भी उस मामले पर जिसपर पूरी करवाई के बाद अदालत ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मामले में किसी नेता को दोषी करार दिया हो तो इसपर सवाल उठाने लाज़मी है|

आरफा खानम ने लिखा #ReleaseLaluYadav

खैर अरफा जी इतने पर भी नहीं रुकी इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट कर RJD सुप्रीमो की रिहाई की भी मांग करनी शुरू कर दी किसी कर्मठ सहयोगी की तरह उन्होंने अपने नेता की रिहाई के लिए # टैग चला शुरू कर दिया अरफा खानम शेरवानी ने अपने ट्वीटर हेंडल से ट्वीट किया #Releaselaluyadav

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अब इस पूरे मामले में जो सबसे गंभीर बात सामने आई वो ये की अरफा के ट्वीट के बाद कई RJD समर्थको कांग्रेस समर्थको और कई अन्य संदिग्ध ट्विटर एकाउंट्स से भी ये एक जैसी ट्वीटस देखने को मिली सोशल मीडिया पर पेड ट्रेंड चलाने वाले कई अकाउंट्स ने भी आरफा खानम के ट्वीट को जमकर रीट्वीट करना शुरू कर दिया

यहाँ आपको बता दे की एक ट्वीट जो लालू यादव समर्थक द्वारा आरफा खानम के ट्वीट करने के ठीक एक मिनट बाद पोस्ट किया गया

इस ट्विटर प्रोफाइल के अनुसार, डॉ.अजीमुशान हरदोई कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं। इसी के साथ आरफा खानम के झूठे प्रचार के कुछ ही मिनटों के भीतर, राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े कई अन्य ट्रोल अकाउंट और लालू प्रसाद यादव के समर्थक ट्विटर पर लालू प्रसाद यादव के पक्ष में ट्वीट करने के लिए उतर आये ।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने आरफा  खानम द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट को रीट्वीट कर लालू प्रसाद यादव की रिहाई की मांग शुरू कर दी|इस # टैग के ट्रेंड होने के बाद पता चला की ये एक पेड ट्रेंड था हालाँकि अब तक इसमें अरफा खानम की असल भूमिका सामने नहीं आई है|

आरफा खानम
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लेकिन यह अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या आरफा खानम ही वो थीं जिन्होंने इस पेड ट्रेंड की शुरूवात की और जिसके बाद लालू प्रसाद यादव के समर्थको ने इसका प्रचार किया या उन्होंने सिर्फ आरफा के ट्वीट को उठाया था।

इसलिए यहाँ अभी निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता की आरफा खानम शेरवानी ने लालू यादव की रिहाई की मांग वाली ट्वीट के लिए पैसे लिए या नहीं|

लेकिन इसके अतिरिक्त भी अगर हम देखे तो एक ऐसा पत्रकार जो अक्सर देश के एनी पत्रकारों को पत्रकारिता की मर्यादा याद दिलाती रहती है उस इस तरह किसी दोषी की रिहाई की इस कदर मांग करना क्या कही से भी पत्रकारिता की अचार संहिता के दायरे में आता है?

 

रिपोर्ट-पूजा पाण्डेय

मीडिया दरबार

 

 

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