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इजरायल में क्या प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू देंगे इस्‍तीफा?

इजरायल में क्या प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू देंगे इस्‍तीफा?

इजरायल

नमस्कार मैं रुचि पाण्डें, और आप देख रहें है दुनिया दरबार, दुनिया में फिलिस्तीन के साथ जारी विवाद के कारण चर्चा का विषय बने बेंज़ामिन नेतन्याहू पर संकट मंडराने लगा है। बेंज़ामिंन नेतन्याहू की सरकार अब बनने या बिगड़ने की कगार पर आ गई है , दरअसल उनकी पार्टी लिकुड के एक नेता अब विपक्षी पार्टीयों के साथ मिलकर नई सरकार बनाने की कोशिश में जुट गए है। क्या है पूरा मामला, चलिए बताते है आपको अपनी कवर स्टोरी में –

यामिना पार्टी के नफ्ताली बेनेट  ने नई पार्टी बनाने का किया ऐलान

इज़रायल में यामिना पार्टी के नफ्ताली बेनेट ने रविवार को ऐलान किया कि वे विपक्षी पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार  बनाऐंगे। नफ्ताली बेनेट ने घोषणा की है कि इज़रायल पर लंबे वक्त से राज करने वाले नेतन्याहू का शासन जल्द ही खत्म होने वाला है।

आपको यहां बताते चले कि नफ्ताली और विपक्षी नेता यैर लैपिड के बीच कई सीक्रेट मीटिंग हो चुकी है अब अगर एक अंतिम दौर की बातचीत संपन्न हो जाती है तो दोनो मिलकर एक नई गठबंधन की सरकार बनाऐंगे। बेनेट ने अपने एक बयान में यह साफ कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मैं और यैर मिलकर इज़रायल में हो रही अनियंत्रित गिरावट को रोक पाऐं। हम अपनी पूरी कोशिश से इज़रायल को दोबारा अच्छे रास्ते पर लेकर आ पाऐंगे। लैपिड को नफ्ताली की ओर से नई सरकार बनाने का कार्यभार दिया गया है।

12 साल से इज़रायल की सत्ता पर बेंज़ामिन नेतन्याहू ही काबिज़ है

बता दें कि इज़रायल में नेतन्याहू और उनके सहयोगी नेता नफ्ताली के बीच दो दो साल तक प्रधानमंत्री बनने पर सहमति बनी थी पर पिछले 12 साल से इज़रायल की सत्ता पर बेंज़ामिन नेतन्याहू ही बैठे है। पहले नफ्ताली उनके सहयोगी थे पर बाद में वे विरोधी हो गए। अब नफ्ताली ने कहा है कि दो साल में लगातार 5 वीं बार इज़रायल को चुनाव से बचाने के लिए ये फैसला लिया जा रहा है।

नेतन्याहू ने बताया सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा

वहीं नेतन्याहू ने बनने वाली गठबंधन की सरकार पर बयान देते हुए कहा है कि अगर इज़रायल में गठबंधन की सरकार बनती है तो यह सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा साबित होगा। फिलिस्तीन के साथ चल रहें संघर्ष के बीच अगर इज़रायल में सत्ता परिवर्तन होता है तो इससे एक बात तो साफ है कि देश में वाम पंथि दलों का बोलबाला हो जाऐगा जो देश की सुरक्षा के लिहाज़ से कतई ठिक नहीं है। नेतन्याहू ने दावा किया कि अगर देश में कोई दूसरी सरकार बनती है तो देश अंदर से पूरी तरह कमज़ोर हो जाऐगा। अभी देश में कोई भी नफ्ताली और यैर की गठबंधन सरकार को वोट नहीं देगा। अब पूरी दुनिया का ध्यान इस बात पर टिका है कि इज़रायल में बेंज़ामिन नेतन्याहू की कुर्सी बच पाऐगी या नहीं और अगर नेतन्याहू की कुर्सी छिन जाती है तो क्या इज़रायल पर फिलिस्तीन का प्रभाव बढ़ेगा? ये वो सवाल है जो इस वक्त पूरी दुनिया के सामने खड़े है।

 

चीन ने माँगा पाकिस्तान से अपना कर्ज़ा

पहली सुर्खी – पाकिस्तान को हमेशा अपना दोस्त बताने वाले चीन की अब पोल खुलती नज़र आ रही है। कंगाली से जूझ रहें पाकिस्तान को अब चीन ने 3 अरब डॉलर कर्ज़ को लौटने के लिए कह दिया है। दरअसल पाकिस्तान चाहता था कि CPEC के तहत बने उर्जा प्रोजेक्ट के लिए चीन ने जो भी लोन दिया था ,उसे चीन माफ कर दे पर चीन ने तो पाकिस्तान के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया है।

म्यांमार में आम जनता ने छेड़ा विद्रोह

दूसरी सुर्खी – म्यांमार में फरवरी महिने में तख्तापलट सरकार के बाद से ही लगातार आम जनता पर सेना का ज़ुल्म जारी है। अब आम जनता भी सेना के खिलाफ खड़ी हो रही है। दरअसल एक आम हेयर ड्रेसर ने अपनी दुकान बेंच कर एक राइफल खरीद ली है और सेना के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया है।

मेहुल चौकसी हुए डोमनिका के अस्पताल में भर्ती

तीसरी सुर्खी – भारत से करोड़ो रु का घोटाला कर भाग जाने वाले हिरा कारोबारी मेहुल चौकसी अब कैरेबियाई देश डोमनिका के एक अस्पताल में भर्ती हो गया है। मेहुल चौकसी के दोस्त ने इस बात की खुद पुष्टि की है। वहीं अब मेहुल के इस दाव से भारत प्रत्यर्पण की संभावना मुश्किल लग रही है।

पाकिस्तान ने कहा भारत में 2019 से पहले वाली स्थिति हो बहाल

चौथी सुर्खी- इतना समय बीत गया पर पाकिस्तान अब तक कश्मीर में धारा 370 को दोबारा से बहाल करने का ही राग अलाप रहा है। इमरान खान ने दरअसल यह घोषणा की है कि अगर भारत में 2019 से पहले वाली स्थिति बहाल हो जाती है तो पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत पर राज़ी हो जाऐगा।

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

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