धार्मिक

इतिहास में पहली बार मशहूर लालबागचा के दर्शन नहीं कर पाएंगे भक्त, जानिए फिर क्या खास होगा….

देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव अब देश में मनाएं जाने वाले त्यौहारों पर भी पड़ने लगा है। महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय गणपति मंडलों में शामिल लालबागचा इस बार का गणपति उत्सव कोरोना महामारी के कारण नहीं मनाएगा। कोरोना महामारी को देखते हुए लालबागचा गणपति मंडल ने 1 जुलाई बुधवार को ये निर्णय किया। बता दें कि इस बार गणेश चतुर्थी 22 अगस्त से शुरू हो रही है।

वहीं, मंडल के अधिकारियों का कहना है कि गणपति की लंबाई कम नहीं की जा सकती है। अगर छोटी मूर्ति भी लाई जाती है तो गणपति बप्पा के दर्शन के लिए भी बड़ी तादाद में लोग जमा होंगे, ऐसे में लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इस साल न ही कोई मूर्ति होगी, न ही मूर्ति विसर्जन किया जाएगा।

मंदिर समिति ने यह ऐतिहासिक फैसला सीएम उद्धव ठाकरे के कहने पर लिया है।  86 साल में ऐसा पहली बार होगा कि लालबाग में गणेश जी का पंडाल नहीं बनाया जाएगा।

गणेश पांडाल पर महाराष्ट्र सरकार का आदेश-

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंडलों से कहा है कि इस बार कोरोना के खतरे को देखते हुए गणेश पूजा को धूमधाम से नहीं मानाया जाए। सीएम उद्धव ने कहा कि एक पांडाल में चार फीट से अधिक की प्रतिमा न हो और पांडाल में सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था को लागू किया जाए।

इसके साथ ही मुंबई के सभी कमेटियों ने निर्णय लिया है कि इस बार लोगों से चंदा नहीं लिया जाएगा. सभी मंडली ने सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर यह फैसला किया है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर शर्तों के साथ छूट दी थी।

उधर, लालबागचा मंडल इस बार गणपति उत्सव को आरोग्य उत्सव के तौर पर मनाएगा। इसके तहत ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाएंगे। प्लाज्मा थेरेपी को प्रमुखता दी जाएगी। वहीं, कोरोना से मरने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार की आर्थिक मदद भी की जाएगी।

इसके अलावा गणेशोत्सव मंडल के सचिव सुधीर साल्वी ने कहा कि इस बार गणेश उत्सव के बजाय मंडल सीएम रिलीफ फंड में दान करेगा। साथ ही एलओसी और एलएसी में शहीद हुए जवानों के परिवार की मदद की जाएगी।

जानिए क्यों इतने मशहूर हैं लालबागचा के राजा? –

बता दें कि लालबागचा का राजा मुंबई का सबसे अधिक लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश मंडल है। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना साल 1934 में हुई थी, यह मुंबई के लालबाग, परेल इलाके में स्थित है। यह गणेश मंडल अपने 10 दिवसीय समारोह के दौरान लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस प्रसिद्ध गणपति को ‘नवसाचा गणपति’ (इच्छाओं की पूर्ति करने वाला) के रूप में भी जाना जाता है। हर वर्ष दर्शन पाने के लिए यहां तकरीबन 5 किलो मीटर की लंबी कतार लगती है, लालबाग के गणेश मूर्ति का विसर्जन गिरगांव चौपाटी में दसवें दिन किया जाता है।

अमित कुमार, मीडिया दरबार

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