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इस्लाम से जुड़े कई अनोखे रहस्य

इस्लाम से जुड़े कई अनोखे रहस्य |

इस्लाम

आज दुनिया में बहुत से देश और बहुत से ईसाई मूल के देश इस्लाम धर्म को आतकंवाद और समाजविरोधी गतिविधियों से जोड़ कर देखते है, ऐसे में बहुत ज़रुरी हैं कि लोगों के बीच इस्लाम के सही अर्थ को बताया जाऐं औऱ लोगों में पैदा हो रही शंकाओं को दूर किया जाऐं, क्योंकि बात चाहें जिस धर्म की हो, हर धर्म में केवल शांति से रहना और समाज की भलाई ही सिखाई जाती है। आज हम आपको इस्लाम से जुड़े कुछ अनोखे रहस्यों के बारे में बताऐंगे जिनसे शायद आप अब तक अनजान हैं।

कई लोग बढ़ी हुई दाढ़ी वाले पुरुष और बुरखा पहनी औरतों को देख डरने लगते हैं, कई देश तो इन लोगों के प्रति पाबंदियां भी निर्धारित करने लगते है, कुछ हद तक ये ज़ायज़ भी लगता है क्योंकि दुनिया में कई देश ऐसे भी है जहाँ धार्मिक सौहार्दय की भावना को भूल कर कुछ मुस्लमान कट्टरता की ओर बढ़ने लगे है और अपने धर्म को इंसानियत के धर्म से ऊपर देखने लगते है, और जब बड़ी संख्या में लोग इस्लाम से डरने लगते है तो इसे इस्लामोफोबिया कहते है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस्लाम किसी भी इसांन को कट्टरता फैलाने की इजाज़त नहीं देता और ना ही लोगों के बीच अपने धर्म के लिए डर फैलाने की। कोई भी सच्चा मुस्लामान जो इस्लाम को तरीके से जानता है , वो यह जानता होगा कि इस्लाम कभी भी किसी व्यक्ति को इस्लाम को मनवाने के लिए बाधित नहीं कर सकता। इस्लाम तो अपने बंदो को दूसरे धर्म की इज़्जत करना सिखाता है। इस्लाम के अनुसार धर्म को लेकर किसी पर भी कोई दबाव नहीं हो सकता है। चलिए अब इस्लाम से जुड़ी कुछ अनोखी बातों को जानतें हैं, –

1. मुस्लमानों को लेकर जो सबसे बड़ा भ्रम हैं वो यह है कि सभी अरबी मुस्लमान है। जबकि ऐसा नहीं है अरबी लोग बौध्द. ईसाई और एथेस्ट भी है।

2. इस्लाम में पैंगंबर मोहम्मद के लिए मुस्लमान बहुत आदर और सम्मान की भावना रखते हैं, पर ये भी सच है कि इस्लाम अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करने या इबादत करने की इजाज़त नहीं देता और अगर कोई मुस्लमान अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करता है तो उसे शिर्क यानी पाप माना जाता है।

3) इस्लाम के अनुसार अक्सर मुस्लमान अल्लाह हु अकबर शब्द का इस्तेमाल करते है, जिससे दूसरे धर्म को लगता है कि इस शब्द का इस्तेमाल वो केवल डराने के लिए करते हैं पर सच तो कुछ और ही है। दरअसल अल्लाह हु अकबर शब्द का अर्थ होता है ईश्वर महान या अल्लाह महान, इस शब्द का इस्तेमाल मुस्लमान अपने सभी दुख दर्द से मुक्ति पाने के लिए करते है।

4)कई ईसाई देशों में अब धीरे धीरे इस्लाम धर्म के लिए दुर्भावना जाग रही है , पर इस्लाम में यीशु के लिए भी सम्मान दिया गया है, जहां पैंगबंर मोहम्मद को दफनाया गया है वहां पास में एक जगह खाली रखी गई है, क्योंकि पैंगबंर को यह विश्वास था कि एक दिन यीशु यहां आऐंगे और उन्हें यहां दफनाया जाऐगा।

5) मैरी या मरियम, जिनका ज़िक्र अमूमन बाईबल में ही होता है, लेकिन कुरान में भी मैरी का ज़िक्र कई बार हुआ है।

6)इस्लाम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ धर्म है, कई रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक इस्लाम दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन जाऐगा।

7) इस्लाम में किसी भी महिला को बुरखा पहनने के लिए दबाब नहीं डाला गया है. लेकिन हाँ यह ज़रुर कहा गया है कि इस्लाम के अनुसार महिलाओं को अपने तन को पूरा ढक कर रखना चाहिए, अब चाहे तो इसके लिए महिलाऐं किसी दूसरे ढिले ढाले कपड़े का इस्तेमाल भी कर सकती है।

8)जब द्वीतय विश्व युध्द हुआ था तब नाज़ियों से यहूदियों को बचाने में मुस्लमानों ने अपना बहुत बड़ा बलिदान दिया था।

इन बातों से एक बात तो साफ हो गई कि कोई धर्म गलत या सही नहीं हो सकता, उसको मानने वाले सही या गलत होते है, बस ज़रुरत है, एक अच्छी शिक्षा की। आशा करती हूं आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आप को कोई विचार है तो कमेंट कर ज़रुर बताऐं। धन्यवाद

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

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