राजनीति

कोयला खान को लेकर BJP का बड़ा फैसला, दीदी की बढ़ी मुश्किलें !!

कोयला खदानों को लेकर क्या है  BJP का फैसला

बंगाल में विधानसभा चुनाव नज़दीक है, ऐसे में बंगाल के हर क्षेत्र की बात होना बहुत ज़रुरी है, चाहे वह बात किसी विशेष जाति की हो या किसी विशेष तबके या फिर किसी फैक्ट्री या मील की BJP इस मामले में बड़ा फैसला लिया है|

बंगाल में कोयला खदानों पर गृहमंत्री अमित शाह ने आज राजधानी दिल्ली में कोयला खदानों के लिए ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम वेब पोर्टल’ को हरी झंडी दिखाई है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ मौजूद अमित शाह ने कहा कि BJP बहुत समय से कोयला खदान क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रही थी, जो आज सफल हुआ हैं।

कोयला खदानों को BJP ने दी बड़ी राहत 

गृह मंत्री ने कहा कि हमारे देश के पास बहुत बड़ी संख्या में कोयला खदान में काम करने वाले मज़दूर मौजूद हैं और 2014 से पूर्व इस क्षेत्र में केवल घोटालों की बात ही सुनाई देती थी जिस कारण इस क्षेत्र में सुधार होना बहुत ज़रुरी था।

काम होना बहुत ज़रुरी था। इतना ही नहीं कोयले का उर्जा क्षेत्र में करीब 72 फिसदी हिस्सा होता है। 2021 में देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के नज़रिए से BJP का यह फैसला अहम माना जा रहा है।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम आखिर हैं क्या?

दरअसल बहुत से व्यवसाय या उद्योग प्रारम्भ करने के लिये सरकार से पूर्वानुमति लेनी होती है। सामान्य तौर पर ऐसे कार्यों के लिये सरकार के कई विभागों से अलग-अलग अनुमति लेनी होती है, जिस कारण वयापारी या उद्यमी को बहुत अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ती है।लेकिन सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के ज़रिए सरकार द्वारा ऐसी सभी अनुमतियाँ एक ही स्थान पर प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

इस नई व्यवस्था से भारत देश में छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान उड़ीसा और कर्नाटक जैसे राज्यों में खदानों के मालिकों को लाभ मिलेगा। इसके साथ-साथ यहां रहने वाले आदिवासी समुदाय, जंगल, नदियों और वातावरण पर भी इन बदलावों का सीधा प्रभाव पड़ेगा।

 

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2021 में होने वाले चुनावों में यह फैसला महत्वपूर्ण

2021 में भारत के जिन राज्यों में चुनाव होने वाले है उनमें सबसे पहले बंगाल में चुनाव होंगे और पश्चिम बंगाल के रानीगंज-आसनसोल बेल्ट आसनसोल, दुगार्पुर, रानीगंज  क्षेत्र में प्रमुख रुप से कोयला खदान उपस्थित हैं। बतां दें की इससे पहले यहां पर अवैंध कोयला खनन के मामले पर ममता सरकार की प्रसांगिकता पर प्रश्न उठे थे।

जिसने BJP को यहां कि स्थित मे सुधार करने का मौका दे दिया था। ऐसे में BJP द्वारा लाए गए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम खदान मालिकों के आत्मनिर्भर बनने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता हैं और आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका फायदा भी मिल सकता हैं।

इससे पहले भी कोयला एंव खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने कोयला खदान में दुर्घटना में मारे गए मज़दूरों को 5 लाख रु मुआवज़ा देने की घोषणा कर कोयला खदान में काम कर रहे है मजदूरों के लिए बेहतर कदम उठाया था।

अब यहां यह देखना महत्वपूर्ण हैं कि क्या भाजपा सिंग्ल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के ज़रिए 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों और बंगाल के चुनावी मैदान में हैडट्रीक साबित हो पाऐंगी या नहीं?

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें

मीडिया दरबार

 

 

 

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