अंतर्राष्ट्रीय

मुसोलिनी है वो जिसे कहा जाता है “हिटलर 2.0” ?

मुसोलिनी है वो जिसे कहा जाता है “हिटलर 2.0” ?

 

दुनिया में जब भी किसी क्रूर तानाशाह का नाम आता है तो,बेशक सभी के ज़हन में सबसे ज़्यादा जिस शख्स का ज़िक्र आता है वो है एडोल्फ हिटलर। लेकिन आज के कार्यक्रम में उस इसांन की बात करेंगे जो था तो हिटलर का दोस्त , लेकिन उसे हिटलर 2.0 के नाम से भी जाना जाता था।

दुनिया में क्रूर तानाशाह के बाद अगर किसी का भी नाम लिया जाता है तो वह हैं एडोल्फ हिटलर का लेकिन अगर तानाशाही की बात की जाए तो हम इटली के सबसे बड़े तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी को भी यू भूल नहीं सकते। क्या आप ये जानते है कि हिटलर और मुसोलिनी दोनो ही एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे। मुसोलिनी के शासन काल की बात करें तो इटली में उसने 1922 से लेकर 1943 तक शासन किया था, और इस दौरान अगर कोई उसके खिलाफ आवाज़ उठाता था तो वह उन लोगों को मरवा दिया करता था।

मुसोलिनी ने कई अच्छे कामों के बाद भी लोगों पर किया अत्याचार

इटली में 18 रवें दशक में एक टीचर जो मजदूर बनकर कभी सैनिक बना, तो सैनिक बनकर कभी पत्रकार, तो पत्रकार बनकर जिसने सत्ता के लिए संघर्ष भी किया। और इसी तरह उसने इटली की सत्ता के शिखर पर परचन लहराया। मुसोलिनी के जीवन पर अगर आप कभी ध्यान दोगे तो आपको यह किसी फिल्मी कहानी की तरह ही लगेगी। जिस इंसान ने अपने निजी जीवन में संघर्ष देखा हो वह सत्ता के नशे में किस प्रकार निरंकुश बन गया, इसी की कहानी है मुसोलिनी के जीवन की- और फिर जनता मुसोलिनी की तानाशाही से इस कदर तंग आ गई की बीच चौराहे पर उसे टाँग कर उस पर पत्थर बरसाऐ।

मुसोलिनी 20 साल की उम्र ही मे ही पत्रकार बन गया था उसने अपने कट्टर राजनीतिक विचारों को फैलाना शुरु कर दिया, और मजदूर संघ और गरीबों के हित की मांग को ऊँचा किया। मुसोलिनी की विचारधारा इतनी कट्टर थी सोशलिस्ट पार्टी को नाचाहते हुए भी उसे पार्टी से बाहर करना पड़ा।  प्रथम विश्व युध्द में तो मुसालिनी दुनिया के सामने एक शार्प शूटर के रुप में सामने आया। इटली में मुसालिनी ने 1921 में राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का गठन किया। मुसोलिनी को उसके कट्टर विचारो के लिए कई बार गिरफ्तार भी किया गया था। उसके पास अपने समर्थक थे, अपनी पूरी फौज़ थी, उसके पास काले लिबाज़ वाली एक पैरामिलिट्री फोर्स भी थी।

अक्टूबर 1922 में किंग विक्टर ने मुसोलिनी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया

और यही से शुरुआत होती है मुसोलिनी की सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने की, मुसोलिनी ने अपनी इस फौज के दम पर पूरे इटली में आतंक मचाना सुरु कर दिया। उसने जमकर उत्पात मचाया, दफ्तरों में आग लगाई, विपक्ष के नेताओं को मौत के घाट सुला दिया गया। उसके समर्थक एक रोज़ राजधानी रोम में पहुँच गए। जनता में इतनी घबराहट पैदा हो गई थी, कि अक्टूबर 1922 में किंग विक्टर ने मुसोलिनी को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। और वह इटली में सबसे कम उम्र में राज करने वाला व्यक्ति बन गया।

1945 से ही मुसोलिनी का अंत काल शुरु हो गया

लेकिन हर बुरी चीज़ को अंत होता है उसी प्रकार मुसोलिनी का अंत भी नज़दीक आया। साल 1945 में लोगों में मुसोलिनी क प्रति गुस्सा समा गया था। लोगों के गुस्से को देखते हुए लोगों ने फासिस्ट पार्टी का विरोध किया। दूसरी तरफ जर्मनी में भी मुसोलिनी के सरेंडर की बात होने लगी थी। मुसोलिनी अपनी मिस्ट्रेस के साथ ऑस्ट्रेलिया की ओर भागा। फिर लोगो ने एक गेस्ट हाउस में से गोली मार दी।

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

 

 

 

 

शेयर करें
COVID-19 CASES