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क्या माइक्रोमेक्स की वापसी से चीनी फ़ोन की होगी छुट्टी |

भारत के मोबाइल क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोमेक्स जल्द ही वापसी करने वाला है

माइक्रोमेक्स एक ऐसी भारतीय मोबाइल कंपनी जिस कंपनी का शिलान्यास 29 मार्च 2000 को हुआ लेकिन एक ब्रांड के रूप में इस कंपनी ने अपनी धाक 2008 से जमानी शुरू कर दी थी।  यह एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसे भारत में मोबाइल हेंडसेट की कंपनी में सबसे बड़ी कंपनी बताया गया है।  यह कंपनी 31 मार्च 2010 को भारत में सबसे पहली मोबाइल हैंडसेट विक्रेता कंपनी के रूप में उभर कर आई है।  पूरे देश में 23 घरेलु कार्यालयों के साथ इस कंपनी ने अपनी छाप छोड़ी है।  लेकिन कुछ वर्षों से इस कंपनी ने अपने किसी आने वाले नए मौडल की घोषणा नहीं की थी।  जिस वजह से ग्राहकों और मार्केट में इस कंपनी का नाम छटता जा रहा था।  2010 में मिड रेंज फ़ोन खरीदने वाले ग्राहकों के दिलों दिमाग पर कब्ज़ा करने वाले माइक्रोमेक्स कंपनी को 2014 तक कई मोबाइल कम्पनियों ने पछाड़ दिया था।  ऐसा लग रहा था मानो माइक्रोमेक्स कंपनी का मोबाइल मार्किट से वजूद ही ख़त्म हो गया हो।  भारतीय मोबाइल कम्पनियों में माइक्रोमेक्स ही ऐसी कंपनी थी जो ग्राहकों का भरोसा जीत पाने में सफल साबित हुई थी लेकिन धीरे धीरे चीनी मिड रेंज मोबाइल के प्रवेश होने के साथ ही यह कंपनी ग्राहकों की नज़रों से अलविदा कहने को तैयार थी।  2017-18 में माइक्रोमेक्स का मार्केट शेयर जानकार आप हैरान रह जाएंगे, ये मार्केट शेयर दोनों वर्षों में मात्र 5% ही रहा है और जुलाई 2019 से जुलाई 2020 तक का मार्केट शेयर आप देखेंगे तो आपको सिर्फ अचम्भा ही होगा की भारत की पहली मोबाइल हेडसेट विक्रेता कंपनी इतना खराब प्रदर्शन कैसे कर सकती है ? जिसे आपको ग्राफिक माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।  लेकिन इन सबके बावाजूद भी  अब माइक्रोमेक्स के प्रिय ग्राहकों के लिए एक खुशखबरी है क्योंकि अब ऐसा लग रहा है की माइक्रोमेक्स जल्द ही शानदार वापसी करने वाला है और ये वापसी, माइक्रोमेक्स इन नोट 1 के साथ होने वाली है।  जिसकी शुरूआती कीमत 11,000 है।  इस फ़ोन में 5000 mah बैटरी के साथ G85 प्रोसेसर ग्राहकों को इस मौडल की तरफ और आकर्षित करेगा।  इस फ़ोन को 3 नवम्बर 2020 को लांच कर दिया गया है।  माइक्रोमेक्स की ये वापसी कई भावी संभावनाओं की ओर इशारा करती है।  जहाँ चीनी मोबाइल फ़ोन मार्केट में मिड रेंज फ़ोन की सत्ता छोड़ने के लिए तैयार नहीं है वहीँ ये कंपनी अपनी वापसी से चीनी फोंस का मार्केट ठप्प करने के लिए बिलकुल तैयार प्रतीत हो रही है।  फिलहाल सरकार ने माइक्रोमेक्स की इस वापसी पर कोई टीका टिप्पड़ी नहीं की है लेकिन अंदेशा यही लगाया जा रहा है की इस कंपनी की वापसी भारतीय कम्पनियों को बढ़ावा देने की ओर प्रत्यक्ष इशारा कर रही है।  सवाल भी काफी उठते नज़र आ रहे हैं की क्या भारतीय कंपनी माइक्रोमेक्स की यह वापसी केंद्र सरकार की किसी योजना का भाग है? क्योंकि अभी तक भारत और चीन के आपसी मतभेद का असर मोबाइल मार्केट पर नहीं पड़ा था जिसकी शुरुआत शायद अब होती नज़र आ रही है।  हालांकि भारत सरकार द्वारा गलवान घाटी पर चीनी सेना द्वारा हमारे 20 जवानों को शहीद करने के बाद भारत ने एक कठोर कदम उठाया था जिसके तहत भारत सरकार ने कई चीनी एप्लीकेशन को बंद कर दिया था।  सरकार के इस कदम के बाद भारतीय नागरिकों ने #बायकाटचाइना की मुहीम भी छेड़ दी थी।  लेकिन उसके बाद भी सबकी नज़र इस बात पर थी की कब चीन की सबसे अधिक आर्थिक मदद करने वाला मोबाइल क्षेत्र कब चीन के उत्पादों का बहिष्कार करेगा।  शायद अब इस बहिष्कार की शुरुआत हो चुकी है वो भी भारतीय मोबाइल कंपनी माइक्रोमेक्स के साथ जिस कंपनी का  नया फ़ोन आप अपनी मौजूदा आय में खरीद सकते हैं।

जयन्ती झा

मीडिया दरबार

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