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क्या शेर बहादुर प्रधान मंत्री बन पाऐंगे ?

क्या शेर बहादुर प्रधान मंत्री बन पाऐंगे ?

शेर बहादुर

नेपाल  PM बनने से पहले देउबा को झटका लगा है।   माधव नेपाल ने देउबा का साथ छोड़ने का ऐलान कर दिया है।  नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने की पूरी तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आज शाम देउबा शपथ ग्रहण करेंगे, पर साथ ही एक चौका देने वाली खबर सामने आ रही है।

दरअसल कहा जा रहा है कि आज शाम देउबा छोटे मंत्रिमंडल के साथ शपथग्रहण समारोह में शामिल होने वाले है। हालांकि राष्ट्रपति भवन से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक बहुमत से सरकार बनाने का दावा करने वाले देउबा के लिए अचानक ये क्यों कहा जा रहा है कि वे अल्पमत की सरकार बनाऐंगे, इसके पीछे क्या है कारण सब बताऐंगे आपको विस्तार से इस रिपोर्ट में –

पीएम के पी शर्मा ओली की विदाई तय

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम के पी शर्मा ओली की विदाई तो तय है पर शेर बहादुर देउबा को जिन सांसदों के बहुमत के आधार प्रधानमंत्री नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया था, अब वह आधार ही नहीं रहा। जी हाँ , शेर बहादुर देउबा के प्रधानमंत्री बनाने के लिए के पी शर्मा ओली की पार्टी के कुल 23 सांसदो ने भी समर्थन किया।

लेकिन अदालत के फैसले के साथ ही उन 23 सांसदों का नेतृत्व कर रहे पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल  ने विपक्षी गठबन्धन छोड़ने की घोषणा कर दी है।

अदालत के फैसले के बाद हुए विपक्षी गठबन्धन चल रही थी जहाँ नई सरकार के स्वरूप और मंत्रालय के बंटवारे की बात चल रही थी, तभी माधव नेपाल ने विपक्षी गठबन्धन छोड़ने, देउवा को समर्थन नहीं कर पाने और नई सरकार को अपना सहयोग देने से इंकार कर सब को हैरान कर दिया।

अब  देउबा के पास सिर्फ 116 सांसदों का ही समर्थन है

सुप्रीम कोर्ट ने देउबा के पक्ष में 149 सांसदों का समर्थन होने के आधार पर प्रधानमंत्री नियुक्त करने का आदेश दिया था, लेकिन 23 सांसदों का नेतृत्व कर रहे माधव नेपाल के द्वारा गठबन्धन छोड़ने के कारण अब देउबा के पास सिर्फ 116 सांसदों का समर्थन रह गया है, जबकि बहुमत साबित करने के लिए 136 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है।

शेर बहादुर देउवा बेहद कद्दावर नेता और नेपाल की राजनीति में बहुत सक्रिय माने जाते है। वे पहले भी नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके है। फिलहाल वे नेपाल कांग्रेस के अध्यक्ष है। वे कई बार नेपाल के प्रधानमंत्री भी रह चुके है।

 

सबसे पहले वो 3 जून 2004 से लेकर 1 फरवरी 2005 के बीच भी नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। नेपाल के आशीग्राम, दादेलधुरा जिला में वे पैदा हुए इसके बाद उन्होंने लंदन से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की थी।  शेर बहादुर देउवा नेपाल के कई बार प्रदानमंत्री रह चुके हैं और इससे पहले वो 1995 से 1997 तक, फिर 2001 से 2002 तक, 2004 से 2005 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं।

 

देउबा 10 साल जेल में भी गुजार चुके हैं

 

इसके अलावा  देउबा 10 साल जेल में भी गुजार चुके हैं। वो राजनीतिक कारणों से 1996 से 2005 के बीच अलग-अलग समय पर जेल जा चुके हैं। कहा तो ये भी जाता है कि नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र शाह ने 2005 में अक्षमता का हवाला देते हुए देउबा को पीएम पद से हटा दिया था।

कुछ अन्य खबर –

तुर्की के राष्ट्रपति को तालिबान का झटका

पहली सुर्खी- पाकिस्तान के साथ दोस्ती कर अफगानिस्तान की जमीन को हथियाने का सपना देखने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगानन को तालिबान द्वारा बड़ा झटका मिला है। तालिबान ने  सोमवार को कहा कि वे नाटो का सदस्य देश है इसलिए वो भी अफगानिस्तान की ज़मीन को छोड़ दे। तालिबान के इस आदेश के बाद अब तुर्की की सेना और तालिबान के बीच जंग का खतरा मंडराने लगा है।

 

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रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

 

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