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क्या है ? ‘गनिंग फॉर द गॉडमैन ” की किताब में, जिसके कारण दिल्ली हाई कोर्ट ने लगा दी इसकी पब्लिशिंग पर रोक

रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार-

गनिंग फॉर द गॉडमैन

आसाराम बापू की गिरफ्तारी की कहानी कौन नहीं जानता। आसाराम बापू की कहानी किसी थ्रिलर मूवी से कम नहीं है। किसी भी थ्रिलर मूवी की तरह यहा भी एक विलेन का पर्दा फाश कर उसकी गन्दी करतूतों को जनता के सामने मीडिया की सहायता से उजागर किया जाता है और अंत में उस विलेन को उसके किये की सज़ा सुनाई जाती है।यदि आपको याद होगा तो आसाराम बापू की गिरफ्तारी भी कुछ इस तरह से ही की गयी थी। जिसमे हीरो का किरदार निभाने वाले जोधपुर के आईपीएस अफसर लांबा ने अपने इस अनुभव को लोगो के बीच साझा करने के लिए एक किताब  ‘गनिंग फॉर द गॉडमैन ” द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापू कॉन्विक्शन’ के नाम से लिख पब्लिश की है।

लेखक अजयपाल लांबा(ips officer ) ने बयां की है इस किताब में आसाराम की गिरफ्तारी की पूरी कहानी

आईपीएस लांबा ने आसाराम की गिरफ़्तारी से पहले ऊपर से फ़ोन की धौंस से लेकर धमकी और जाँच अधिकारी को मारने की साज़िश तक। और पुलिस की फ़िल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर ‘टफ़ ट्वंटी’ टीम बनाने से लेकर मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल कर जाल बिछाने की रणनीति और सबकुछ  इस किताब  में बयां किया है।  एक थ्रिलर फ़िल्म की तरह ही ,आसाराम के काले कारनामो को इस किताब में बतलाया गया है। और लांबा ने इस किताब के ज़रिये यह भी बताया है की आखिर किओस तरह बड़े-बड़े रसूखदारों तक का चहेता आसाराम रिपोर्ट दर्ज होने के 10 दिन में गिरफ़्तार हो गया और वह 7 साल से जेल में है। आसाराम की इस गिरफ़्तारी की पूरी कहानी के महत्वपूर्ण व्यक्ति और उसके राज़ को खोलने वाले आईपीएस अफ़सर अजयपाल लांबा ने  बखूबी से इस किताब में  सभी बातो को लिखा है।  उन्होंने इसी पूरे वाक़ये पर किताब लिखी है।

आईपीएस ऑफिसर अजय पाल लम्बा ने कहा की आसाराम की गिरफ्तारी के समय आसाराम के सहयोगियों ने उनके पीछे फॉलोवर्स लगा दिए थे जो लगातार उनके घर पर फ़ोन कर धमकियां दिया करते थे। अजयपाल बताते है की उनके घर में इस कदर दहशत का माहौल था की उनकी पत्नी के उनकी बेटी को कई दिनों तक स्कूल नहीं जाने दिया था।  वे बताते है की धमकी देने वालो ने इतना परेशान कर दिया था की वे पीछा करते हुए ,उनके राजस्थान के छोटे से गावं तक पहुँच गए थे। लांबा ने ये भी बताया है की किस तरह उन्होंने बिना हिम्मत हारे हुए आखिर किस तरह से आसाराम को उसके किये की सज़ा दिलाने के लिए एड़ी-चोटि का बल लगा दिया था।

किताब के चर्चा में आने से, एक बार फिर धमकियों का सिलसिला हुआ तेज

गौरतलब है की अगस्त, 2013 में आसाराम के ख़िलाफ़ नाबालिग के यौन उत्पीड़न का मामला दिल्ली में दर्ज हुआ था।जिसके बाद पीड़िता के पिता की रिपोर्ट थी कि आसाराम ने पीड़िता का जोधपुर स्थित आश्रम में जुलाई के अंतिम सप्ताह में यौन उत्पीड़िन किया था। मामला दिल्ली से जोधपुर ट्रांसफर हो गया। 31 अगस्त, 2013 को उसे इंदौर हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया। आसाराम को जोधपुर लाकर पूछताछ के बाद 1 सितंबर, 2013 को गिरफ्तार किया गया,और उसकी गिरफ्तारी के बीच सबसे हैं किरदार निभाने वाले व्यक्ति आईपीएस अफसर अजयपाल लांबा के लिए ये सब करना इतना आसान नहीं था। जिसके लाखों-करोड़ों चाहने वाले हों, रसूखदार क़ारोबारियों से लेकर नेता तक फ़ॉलोअर हों, उसकी गिरफ़्तारी आसानी से हो जाये ये हो नहीं सकता। अजयपाल लांबा अपनी इस किताब में’गनिंग फॉर द गॉडमैन ” द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापू कॉन्विक्शन’ में इसी सच्चाई को बताया है।

आपको बता दे की आईपीएस अफसर लांबा को इस किताब के आने के बाद अब फिर से धमकियाँ ज़्यादा मिलने लगी हैं। 42 वर्षीय लांबा फ़िलहाल जयपुर में एडिशनल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस हैं।फिलहाल ‘गनिंग फॉर द गॉडमैन ‘ नाम की इस किताब को अब दिल्ली हाई कोर्ट ने अपनी अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।दिल्ली हाई कोर्ट की अपर डिस्ट्रिक जज आर.ऐल मीना ने आसाराम के सह- आरोपी संचीता गुप्ता के मानवाधिकारों का हवाला देते हुए इस किताब की पब्लिशिंग पर रोक लगाई है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस बुक के सह-लेखक संजीव माथुर हैं और इसको हार्पर कॉलिन्स प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। 5 सितंबर को इस किताब को रिलीज करना था,पर अब 30 सितंबर तक के लिए इस पर रोक लगा दि गई है।

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