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क्यो दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों पर हो रहे हैं हमले और लूटपाट ?

क्यो दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों पर हो रहे हैं हमले और लूटपाट ?

दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों पर हो रहे हैं हमले और लूटपाट

दक्षिण अफ्रिका में पूर्व राष्ट्रपुति जैकब जुमा को जेल भेजने के बाद भीषण हिंसा का दौर जारी है। अब तक दक्षिण अफ्रीका में इस कारण करीब 72 लोगों की मौत भी हो गई है, और वहीं 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस बीच दक्षिण अफ्रीका के जुलू राजा मिसुजुलू काज्वेलिथिनी ने क्वाजुलू नटाल प्रांत के लोगों से भारतीय मूल के लोगों के साथ शांतिपूर्ण व्यवहार करने की अपील की है।

आपको बतां दें कि दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले 14 लाख भारवंशी में से 1 तिहाई इसी क्षेत्र में रहते है। दक्षिण अफ्रीका में चल रही इस हिंसा के पीछे क्या है कारण ? और कौन है ये जुलू राजा जो भारतवंशियों के साथ शांतिपूर्ण व्यवहार करने की अपील कर रहें है? क्या है पूरी खबर जानिए इस रिपोर्ट में –

दक्षिण अफ्रीका में लगातार 5 वें दिन लूटपाट की घटनाऐं

दक्षिण अफ्रीका में लगातार 5 वें दिन दुकानों में लूटपाट की घटनाऐं हो रही है। अफ्रीकी सेना के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बवाल को रोकने के लिए सेना को तौनात कर दिया है। अब इस हिंसा में कई लोगों की जान चली गई है। मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की गिरफ्तारी के बाद से हिंसा भड़की थी।

प्रांत में होती इन लूटपाट और दंगो को देखते हुए बड़ी बड़ी रिफायनरी और फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है। बतां दे कि जैकब जुमा की गिरफ्तारी के बाद ही यहां के कई शहर हिंसा की चपेट में आ गए है। पूर्व राष्‍ट्रपति जैकब जुमा की गिरफ्तारी उनके खिलाफ जारी भ्रष्‍टाचार के मामले में पेश न होने के बाद हुई है। जुमा की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही सैकड़ों की संख्‍या में लोग सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते कई शहर हिंसा की चपेट में आ गए।

असमानता के खिलाफ 27 वर्षों से जारी लोगों के दिलों में गुस्‍सा

लेकिन यहां कहा तो ये भी जा रहा है कि यहां दिखाई देने वाला विरोध प्रदर्शन और हिंसा सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को लेकर ही नही किया गया बल्कि इस हिंसा की आड़ में रंगभेद वाली हिंसा  को भी अंजाम दिया जा रहा है। अफ्रीका में रंगभेद की नीति जिसे कागजो में तो खत्‍म कर दिया गया है पर, जमीनी स्तर पर आज भी ज्यों की त्यों है। रॉयटर के मुताबिक असमानता के खिलाफ 27 वर्षों से जारी लोगों के दिलों में जो गुस्‍सा था वो अब सड़कों पर इस तरह से दिखाई दे रहा है।

साल 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका में जैकब जुमा की सरकार थी,जिस पर गुप्ता बंधुओं का खासा प्रभाव था। इसी दौरान जुमा और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। इस लिए अब दक्षिण अफ्रीका में जुमा के समर्थकों को लगता है कि जुमा के जेल जाने के पीछे गुप्ता बंधुओं का हाथ है। इसीलिए वहां भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

हिंसा की शुरुआत जैकब जुमा के गृह-राज्य क्वाजूलू-नेटल से हुई

अफ्रीका महाद्वीप का दक्षिण अफ्रीका ऐसा देश है जहां ये सबसे समृध्द माना जाता है। यहा रहने वाला आज भी एक तबका ऐसा है जो आज भी खुद को बहुत पिछड़ा हुआ मानता है। यहां गरीब लोगों की भी अच्छी खासी संख्या है। कोरोना काल के बाद ये दिन ब दिन और भी गरीब होते जा रहें है। महामारी के कारण इन लोगों पर और भी बोझ बड़ गया है। कई पाबंदियों के कारण लोगों को यहां आर्थिक और सामाजिक परेशिनियों से भी जूझना पड़ रहा है।

सरकार के मुताबिक हिंसा की शुरुआत सबसे पहले जैकब जुमा के गृह-राज्य क्वाजूलू-नेटल से शुरू हुई थी, जो अब जोहनिसबर्ग से डरबन तक जा पहुंची है। सरकार का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह से हिंसा को रोकने के लिए तत्पर है। इस हिंसा के कारण बहुत लूटपाट भी हुई है। हिंसा फैलाने के कारण अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया  जा चुका है। यहां पर फैली हिंसा को रोकने के लिए सेना को भी सड़कों पर उतारा गया है।

 

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रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

 

 

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