धार्मिक

गुरु पूर्णिमा पर आखिर क्या है साल के तीसरे चंद्र ग्रहण का प्रभाव, क्या भारत में लगेगा सूतक काल?

हिंदू धर्म के आषाढ़ महीने की पूर्णिमा यानि कि 2020 की गुरु पूर्णिमा रविवार (5 जुलाई) आज है, साथ ही आज चंद्र ग्रहण भी है। ऐसा लगातार तीसरी बार हो रहा है जब गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण लग रहा है। इससे पहले साल 2018 और 2019 में ऐसा संयोग बन चुका है। हिंदू धर्म में हर साल आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा का खास महत्व होता है। हिंदू मान्यता में गुरुओं को विशेष स्थान दिया गया है, क्योंकि हिंदुओं में गुरुओं को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया जाता है।

आइए जानतें है कि गुरु पूर्णिमा के पीछे की क्या कहानी है-

महर्षि वेद व्यास संस्कृत के महान विद्धान थे, उन्होंने ही महाभारत जैसा महाकाव्य लिखा था। इसके अलावा 18 पुराणों के रचयिता भी उन्हें ही माना जाता है। हिंदू धर्म में खास महत्व रखने वाले 4 वेदों को विभाजित करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। वहीं, ऐसा भी माना जाता है कि महार्षि वेद व्यास का जन्म गुरु पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। इन सबके कारण ही गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन काल में गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने वाले शिष्य इस दिन गुरुओं की विशेष पूजा-अर्चना करते थे।

जानिए क्यों भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण-

साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण आज लग गया है। दरअसल, आज का चंद्र ग्रहण भारत समयानुसार सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर लगना था। आज लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। दरअसल, जब पृथ्वी, सूरज और चांद के बीच तो आती है लेकिन तीनों सीधी रेखा में नहीं होते और ऐसे में पृथ्वी अपने बाहरी हिस्से से ही सूरज की रोशनी को चांद तक पहुंचने से रोक पाती है, जिसे पेनंब्र कहा जाता है. इस वजह से साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है। ऐसे में भारत में सूर्योदय हो जाने के बाद भारत के लोग इस ग्रहण को नहीं देख पाएंगे। इसी कारण से चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल भी नहीं लगेगा।

बता दें, आप चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं और इससे आपकी आंखों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। हालांकि, कई लोग लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए भी चंद्र ग्रहण को देखना पसंद करते हैं. भले ही भारत में चंद्र ग्रहण सूर्योदय होने की वजह से न देखा जा सकता हो लेकिन आप चाहें तो लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए अभी भी इसे देख सकते हैं।

इन सबके बाद आखिर में मीडिया दरबार आपसे यही निवेदन करता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान आप किसी भी तरह की गलत धारणा में न आए और न ही किसी अंधविश्वास के चक्कर में फंसे।

अमित कुमार, मीडिया दरबार

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