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जंतर मंतर कार्यक्रम दिखाई दिया कट्टरवाद, भड़काऊ नारेबाजी के पीछे आखिर किसका हाथ?

जंतर मंतर कार्यक्रम दिखाई दिया कट्टरवाद, भड़काऊ नारेबाजी के पीछे आखिर किसका हाथ

जंतर मंतर
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भारत देश का दिल कही जाने वाली राजधानी दिल्ली में आए दिन अलग- अलग मुद्दों पर रैली औऱ कार्यक्रम आयोजित होते ही रहते है.कहा जाता है दिल्ली दिल वालों की लेकिन अब ऐसा लगता है ऐसा लगता है की दिल्ली अब दंगे, रैलियों और कार्यक्रमों वालों की ही बन गयी है| लेकिन जंतर मंतर पर आयोजित हुए इस कार्यक्रम ने दिल्ली के मुस्लिमों के अंदर आक्रोश पैदा कर दिया है. जिसका एक वीडियो सोशल मी़डिया पर वायरल हो रहा है.  जंतर मंतर

देश राजधानी दिल्ली में जहां 15 अगस्त को लेकर खुशी का माहौल बना हुआ है, वहीं 8 अगस्त को जंतर मंतर पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम के बाद से पुलिस को सांप्रदायिक दंगे भड़कने का डर सता रहा है.

मामला रैलियों का शहर कही जाने वाली दिल्ली के जंतर मंतर का है, जहां 8 अगस्त को आयोजित हुए एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ लोग इस्लाम धर्म के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं. जंतर मंतर

कार्यक्रम की शुरूआत पूर्व भाजपा प्रक्ता और सुप्रिम कोर्ट के वकीलअश्र्विनी उपाध्याय की अगुवाई में हुई थी. 9 अगस्त को सामने आए नारेबाजी के वीडियो ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया था.

जिसके तुरंत बाद से twitter पर Arrest_ashwini_upadhyayहैशटैग trend शुरू हो गया था. वहीं पुलिस ने मामले पर एक्शन लेते हुए, 9 अगस्त को कनॉट प्लेस थाने में एफआईआऱ दर्ज की थी.

लेकिन अब बात ये बनती है कि, पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले ऐसा कार्यक्रम करने की इजाजत दी ही क्यों?  इसपर इंडियन अखबार से हुई बातचीत में एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बाताया कि, हमने उन्हें डीडीए GUIDELINES का हवाला देकर कार्यक्रम के लिए मना कर दिया था.

लेकिन बाद में पता चला की अश्र्विनी उपाध्याय को कार्यक्रम के लिए इनडोर स्थल खोज रहे है. जिसके बाद वहां पुलिस की तरफ से 50 -60 लोगों के हिसाब से सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे. साथ ही उन्होने बताया कि, अचानक वहां छोटे – छोटे गुटों में लोग पहुंचने लगे, और थोड़ी ही देर में वहां लोगो की एक बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई. जंतर मंतर

उनका कहना था कि, पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से चला, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने से थोड़ी देर पहले वहां मौजूद कुछ लोगो ने भड़काऊ नारे लगाना शुरू कर दिया था. वहीं इसपर अश्र्विनी उपाध्याय का कहना था कि, औपनिवेशिक काल से मौजूद कानूनों को बदलने की मांग को लेकर चल रहे MOVEMENT के अंतर्गत, इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था. जंतर मंतर

जिसमें उनके रहते तक किसी भी तरीके की नारेबाजी नहीं की हुई थी. साथ ही आपको बता दे कि, बड़े परदे पर महाभारत के युधिष्ठीर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान भी उस कार्यक्रम में मौजूद थे.

वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने देर रात में सभी छह लोगों अश्विनी उपाध्याय, विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत क्रांति, प्रीत सिंह, दीपक को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद आज कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के बाहर उनके सर्मथकों की भीड़ ने खूब हंगामा मचाया है. साथ ही पुलिस ने बताया कि, वायरल हो रहे वीडियो को जाँच के लिए भेज दिया गया है. जंतर मंतर

अब बात ये सोचने वाली आती है कि देश में इस कदर कट्टरवाद की भावना को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? वो भी तब- जब 15 अगस्त आने में कुछ ही दिन बाकि रह गए हैं, क्योंकि इसी साल 26 जनवरी को कुछ बाहरी तत्वों ने किसान आंदोलन की भीड़ का सहारा लेकर जिस घटना को अंजाम दिया था. एक बार फिर वैसी ही किसी साजिश को अंजाम देने के लिए माहौल बनाया जा रहा है।

अनुराग सिंह

 

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