राष्ट्रीय

जोधपुर में पकिस्तानी विस्थापितों में एक परिवार के 11 लोगों का मिला शव, पुलिस जांच में जुटी है !

रविवार, 9 अगस्त को राजस्थान के जोधपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, देचू में पाकिस्तान से आकर रह रहे हिंदु प्रवासियों में से 11 व्यक्तियों का शव और एक बुरी तरह से घायल व्यक्ति मिला. इन सभी को एक ही परिवार का बताया जा रहा है. पुलिस ने मामला दर्ज कर घायल अवस्था में मिले व्यक्ति को अस्पताल पंहुचा दिया और सारे शव को बरामद कर लिया है.

जाने पूरा मसला क्या था ..

दरअसल, कुछ वक़्त पहले पाकिस्तानी भील समाज से जुड़ा एक हिन्दू परिवार जो कि जोधपुर, देचू के लोड़ता अचलावता गाँव में झोपड़ी बना कर रह रहा था. वो सारे ही खेत में मज़दूरी का काम कर अपना गुज़र-बसर करते थे. तभी अचानक से उस परिवार के साथ एक अंजानी सी घटना घटी और परिवार के 11 लोगों का रविवार की सुबह पास के खेत में शव मिला जिनमे 2 पुरुष, 3 महिलाएं और 5 बच्चों की पुष्टि की गई है.इस भयावह घटना से अचलावता गाँव के सारे ग्रामीण सहमे हुए से है. मामले की जानकारी मिलते ही अचलावता पुलिस मौके पर पंहुच गई, ज़ख़्मी व्यक्ति को सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और बाकि के 11 लोगों का मृतक शरीर पुलिस ने बरामद कर लिया है.

आखिर कौन था मुज़रिम..?

जोधपुर पुलिस का कहना है कि, किसी को कोई जानकारी नहीं है कि बीती रात पाकिस्तान से आ कर रह रहे परिवार के साथ क्या हुआ. ना ही उनके शरीर पर किसी प्रकार के निशान है और ना ही उनके रहने के स्थान से किसी साजिश का सबूत मिला है. साथ ही उन्होंने बताया कि, जब तक मामले की पूरी जांच-पड़ताल नहीं हो जाती, कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा. पुलिस अधीक्षक, राहुल बरहाट ने कहा कि, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी घरेलु विवाद के चलते पूरे परिवार ने कोई ज़हरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली है. ऐसा इसलिए कह सकते हैं क्योंकि, झोपड़ी के चारों तरफ किसी अजीब से रसायन की दुर्गन्ध आ रही थी. उनका कहना है कि, फिर भी मामले को पूरी तरह से सुनिक्षित करने के लिए हमने फॉरेंसिक टीम और श्वान दल को सम्पर्क किया है, जैसे ही मामले की पुष्टि होती है आगे की कार्यवाही की जाएगी.

घटना की जानकारी मिलते ही, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, “ जोधपुर देचू में एक दर्जन पाक विस्थापित नागरिकों की मृत्यु हो गई. मृतकों में 2 पुरुष, 4 महिलाएं और 5 बच्चे हैं. एक के बाद एक, प्रदेश की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं.” इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र ने मुख्यमंत्री, अशोक गहलोत को टैग करते हुए उनके कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं है और कहा कि, सरकार त्वरित कार्यवाही कर तथ्यों को सामने लाए.

क्या कहते हैं सूत्र !!?

मीडिया दरबार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उस हिंदु पाकिस्तानी परिवार की एक महिला पेशे से नर्स थी जो कि हाल ही में रक्षा बंधन मनाने के उद्देश्य से वहाँ आ कर रह रही थी. कुछ लोग ऐसा अनुमान लगा रहे है कि, हो सकता है उस महिला ने पहले 10 लोगों को कोई इंजेक्शन लगा कर मार दिया हो और उसके बाद खुद को वही ज़हरीला इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या को अंजाम दिया हो. इसके अलावा, पुलिस का संदेह उस इकलोते जिंदा बचे सदस्य पर भी है.

फिलहाल पुलिस जांच में लगी हुई है और किसी को भी घटना स्थान पर आने जाने नहीं दे रही है, यहाँ तक कि वहाँ के निवासी नागरिको पर भी घर से निकलने पर प्रतिबन्ध है अभी. एफ.एस.एल टीम का कहना है कि वो कभी भी सारे साक्ष्य को ikhatta कर के सही दिशा दे कर सबके सामने पेश कर सकती है.

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