मनोरंजन

डोगरी लोकगीतों से, संगीत को आगे बढ़ाते रूही-जूही और उनके पिता सूरज सिंह..

डोगरी लोकगीतों से, संगीत को आगे बढ़ाते रूही-जूही और उनके पिता सूरज सिंह..

जम्मू के कठुआ शहर के, पटेल नगर की ये, भाई बहन की जोड़ी, रूही और जूही सिंह ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा रखा है. कोरोना महामारी पर संजय विद्रोही द्वारा लिखे गए गीत, ‘कदों जाणा तू करोनेया’ से बेहद चर्चित हुई जोड़ी के इसी गाने को, सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा और शेयर किया जा चुका है. रूही और जूही ने कोरोना में लगे लॉकडाउन में ये गीत बनाया था,

और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद कई नामी गिरामी हस्तियों, यहाँ तक की केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह के साथ साथ कई राजनेताओं ने भी इस गीत को शेयर किया. लोगों ने, रूही और जूही की सुरीली आवाज़ को खूब पसंद किया, और इसके बाद इन्होंने बैक-टू-बैक कई जुगलबंदी को लोकगीतों की धुन के मैशअप, सोशल मीडिया पर अपलोड किए और वो हिट हो गए|

रूही-जूही

 

पिता सूरज सिंह

रूही और जूही ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि, इसके बाद रूही ने अपनी अच्छी खासी जॉब को छोड़ कर, संगीत को तवज्जो देते हुए अपने पैशन को आगे कंटिन्यू करने का फैसला किया. ऐसा नही है कि रूही और जूही की जोड़ी को ही पसंद किया गया है. रूही और उनके पिता, सूरज सिंह को भी खूब सराहा गया है. बाप बेटी की इस जोड़ी ने तो जम्मू, पंजाब और देश के कई हिस्सों तक खूब वाह वाही लुटी है |

कश्मीर की डोगरी लोकगीतों की धुनों को नया कलेवर दे कर लोगों के सामने पेश कर रहे हैं. डोगरी के अलावा अन्य भाषाओँ के पहाड़ी लोकगीतों को ये परिवार, अपने स्वर दे कर उनको जिंदा रखने का एक महत्वपूर्ण काम कर रहा है.

आज कल के भारी भरकम संगीत और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स की बजाय, रूही-जूही और उनके पिता, सिर्फ एक गिटार या फिर 1-2 पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट्स का ही इस्तेमाल करते हैं, जो दूसरा बड़ा कारण हो सकता है इनकी कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने का, क्यूंकि संगीत में अब, ज़्यादातर लोग सुकून तलाशते हैं, जो अब रूही और जूही के संगीत में शायद उनको मिलता हो

रूही और जुडी और उनके पिता सूरज सिंह की ये लोक गीतों का सफ़र ऐसे ही चलता रहेगा और उनको इस संगीत के सफ़र में मीडिया दरबार की टीम की तरफ से हार्दिक शुभकामनाय|

देखे वीडियो : 

यह भी पढ़े :  दिव्या भारती Death Mystery: मौत के बाद भी सपने में आती थी दिव्या भारती

 

रिपोर्टर:- रौनक अफरोज

मीडिया दरबार

शेयर करें
COVID-19 CASES