धार्मिक

धनतेरस पर जानें पूजा की संपूर्ण विधि

दिपावाली भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी में मानाया जाने वाला पावन पर्व ,दिवाली का त्यौहार खुशियों के साथ घर में माँ लक्ष्मी के आगमन के सम्मान में भी मनाया जाने वाला त्यौहार है। दिवाली से ठीक दो दिन पहले धनतेरस का पर्व मानाया जाता है। धनतेरस का त्यौहार माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने से पहले धन कुबेर को प्रसन्न करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस वर्ष धनतेरस 13 नवंबर को मनाई जाऐगी। धनतेरस का त्यौहारर हर साल कार्तिक पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसे धन्वंतरि के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस की कहानी के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वंतरि अमृत  कलश के साथ समुद्र में से प्रकट हुए थे।

क्या खरीदें क्या ना खरीदें

मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा करने से आरोग्यता की प्राप्ति होती है। इस दिन वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन सभी लोग अधिक से अधिक सोना चांदी खरीदने का प्रयास करते है। ऐसी भी मान्यता है की इस दिन नए उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ रहता है। ताकि उनके घर में सुख और समृद्धि बनी रहे, लेकिन धनतेरह के दिन कुछ चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है, जैसे, धनतेरस पर लोहे से बनी चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। धनतेरस पर कांच का सामान, काले रंग की चीजें आदि को घर पर नहीं लाना चाहिए। यदि धनतेरस पर इन चीज़ो को घर लाओ तो अशुभ संकेत होता है। आज हम आपको अपने चैनल के माध्यम से तो चलिए हम आपको बताते हैं धनतेरस के दिन पूजा और खरीदारी का शुभ समय

धनतेरस के दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त

12 नवंबर को धनतेरस के लिए खरीदारी करने का शुभ समय रात्रि 11:30 से 1:07 बजे तक 13 नवंबर को खरीदारीका शुभ मुहूर्त- सुबह 5:59 से 10:06 बजे तक सुबह 11:08 से दोपहर 12:51 बजेतकदोपहर 3:38 मिनट से शाम 5:00 बजे तक है।

धनतेरस के दिन पूजा कि विधि

धनतेरस के दिन सभी अपने घरों मे लक्ष्मी की पूजा करते है। इस दिन कुबेर की पूजा भी की जाती है। कुबेर भगवान को धन का अधिपति कहा जाता है। माना जाता है कि पूरे विधि- विधान से जो भी कुबेर देव की पूजा करता है, उसके घर में कभी धन संपत्ति की कमी नहीं रहती है। इस दिन धन्वंतरि का पूजन भी करें। धनतेरस के दिन अपने घर के पूजा स्थल पर लाल कपड़ा बिछा कर मां लक्ष्मी गणेश और कुबेर की पूजा करें । पूजा की शुरुआत में मुठ्ठी भर अनाज को रखे चावल रखें। कपड़े को किसी चौकी या पाटे पर ही बिछाए। कलश को पानी से भरकर उसमें गंगाजल मिला लें। इसके साथ ही सुपारी, फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने और अनाज भी इस पर रखें। कुछ लोग कलश में आम के पत्ते भी रखते हैं. पूजा में फूल, फल, चावल, रोली-चंदन, धूप-दीप का उपयोग करना चाहिए। इस दिन पूजा में भोग लगाने के लिये नैवेद्य के रूप में सफेद मिठाई का प्रयोग किया जाता है। माना जाता है कि माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। इस विधि द्वारा धनतेरस पर पूजा करने से ज़रुर मां लक्ष्मी और कुबेर आप पर कृपा करेंगे।

धनतेरस (Dhanteras 2020) का त्योहार आने वाला है और धन कुबेर (Dhankuber) को प्रसन्न करने का ये बेहद शुभ समय है. धनतेरस शुक्रवार, 13 नवंबर को है और इसकी पूजा का शुभ समय शाम 5:30 बजे से 6:00 बजे तक रहेगा.ज्योतिषविद अश्विनी मंगलकहते हैं कि धनतेरस पर खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस दिन कुछ खास चीजें बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए.

रूचि पांडे

मीडिया दरबार

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