विचार

पर्सनल डाटा को लेकर कितने सतर्क हैं आप, फेसबुक के बाद अब लिंक्डइन का डाटा हुआ लीक !

सरेआम नीलाम हो रही हैं आपका पर्सनल डाटा

आज के जमाने में शायद ही कोई ऐसा हो सोशल मीडिया पर न हो सोशल मीडिया एक ऐसी दुनिया हैं जिसका विस्तार असमान में असीमित दूरी तक फैली आकाशगंगा से भी कही ज्यादा हैं|

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फेसबुक, व्हाट्सअप, इन्स्टाग्राम, लिंक्डइन, ट्विटर, और न जाने क्या क्या आये दिन इनकी तादात ऐसे बढ़ रही हैं जैसे लोगो के सर में जुए जो एक बार किसी के सर में आ जाये तो बस बढती ही चली जाती हैं|

सोशल मीडिया का असर आज के समाज में कुछ ऐसा हैं कि एक बार को किसी का आधार कार्ड न हो तो चलेगा लेकिन सोशल मीडिया पर कोई आपको न मिले तो ये बड़ी अचरज हो जाती हैं लोगो को|

लेकिन सोशल मीडिया पर आज जिस कदर लोग निर्भर होते जा रहे हैं वो कही न कही उनके लिए तकलीफ देह हो सकता हैं, सोशल मीडिया से पैसा कमाने वाली इन बड़ी बड़ी कम्पनियों को हम अपना पर्सनल डाटा आँख बंद कर के बिना कुछ सोचे समझे एक बार में दे देते हैं|

सोशल मीडिया कि इस दुनिया में आपका पर्सनल डाटा किसी कीमती तिज़ोरी जैसा हैं जिसे पाने कि होड़ में आये दिन कंपनिया एक दुसरे के साथ इनका सौदा करती रहती हैं|

हमें इसका अंदाज़ा भी नहीं होता कि हमारे थोड़े से पर्सनल डाटा के बदले ये बड़ी बड़ी कम्पनिया कितनी बड़ी रकम कमाते हैं और उससे हमें किस हद तक नुक्सान हो सकता हैं|

लीक हुआ फेसबुक के 50 करोड़ यूजर्स का पर्सनल डाटा

पर्सनल डाटा
Image Source-Social Media

बीते दिनों एक खबर आई थी कि 2 अरब से ज्यादा यूजर्स से साथ दुनिया के नम्बर वन सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक के 50 करोड़ से अधिक यूजर्स का डाटा लीक हो गया था|

फेसबुक के डाटा लीक में इन 50 करोड़ यूजर्स का ईमेल एड्रेस, उनका फ़ोन नबर, और बैंक डिटेल्स जैसे कई महत्वपूर्ण डिटेल्स हैर्कर्स के हाँथ लग गए|

फेसबुक के इस पर्सनल डाटा लीक में सबसे ज्यादा हैरानी कि बात ये रही कि खुद फेसबुक के सीईओ मार्क जकर्बर्ग तक का पर्सनल डिटेल भी सार्वजनिक हो गया|

हालाँकि इस खबर के बाद फेसबुक ने बताया कि ये डाटा साल 2019 का था लेकिन यहाँ सोचने वाली बात ये हैं कि डाटा कभी का भी उसमें लोगो के डिटेल्स तो तब भी थे और वो भी हक्कर्स के हाथ अगर आये तो लोगो को उतना ही नुक्सान पंहुचा सकते हैं जितना कि उनकी आज कि डिटेल्स के जरिये|

सोशल मीडिया साइट्स पर पर्सनल डाटा लीक का ये सिलसिला न तो आज कि बात हैं और न ही कल ख़त्म होने वाली बात सोशल मीडिया कि ये दुनिया जितनी बढ़ी होती जाएगी ये खतरे भी उतने ही बढ़ेंगे और उतने ही ज्यादा लोग इसका शिकार होंगे|

और शायद इसी का नतीजा हैं कि फेसबुक के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाले पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के 50 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक होने कि खबर सामने आई है|

लिंक्डइन के 50 करोड़ प्रोफाइल्स और आपका पर्सनल डाटा हुआ लीक

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लिंक्डइन एक प्रोफसनल सोशल मीडिया साईट हैं जिसकी रीच काफी बड़ी हैं लिंक्डइन के जरिये बड़ी बड़ी कम्पनिया लोगो को हायर करती हैं इसलिए इसपर लगभग हर तरह के जॉब प्रोफाइल वाले लोगो कि आईडी मौजूद होती हैं|

लिंकडीन के पास 150 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं अमेरिका के बाद 71 मिलियन यूजर्स के साथ भारत लिंकडीन का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है|

जानकारी के मुताबिक आपका पर्सलन डाटा ऑनलाइन बेचा जा रहा है 50 करोड़ लिंक्डइन प्रोफाइल से डेटा को स्क्रैप किए गए अर्काइव को एक लोकप्रिय हैकर फोरम पर बिक्री के लिए रखा गया है|

यहाँ आप को बता दे कि साइबर न्यूज़ जिसने इस खबर का खुलासा किया उसकी ओर से जारी इस जानकारी में बताया गया हैं कि, “लीक हुई 4 फाइलों में लिंक्डइन यूजर्स के बारे में उनका पूरा नाम, ईमेल पते, फोन नंबर, उनके कार्यस्थल की जानकारी और ऐसी कई सारी व्यक्तिगत जानकारियां स्क्रैप की गई हैं|”

इतना ही नहीं हैक के पीछे शामिल लोगों ने लीक हुए 20 लाख रिकॉर्ड को तो नमूने के तौर पर पेश भी किया है| अब यहाँ शायद आपको ये समझने में दिक्कत आये कि ये स्कार्पिंग क्या हैं तो स्क्रैपिंग वेबसाइटों से पब्लिकली विजिबल डेटा इंपोर्ट करने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल करने की एक प्रक्रिया है|

अगर अभी भी आपको इसे समझने में दिक्कत हो रही हो तो इसे ऐसे समझिये कि आपकि पर्सलन डाटा जो आपने लिंक्डीन पर अपनी प्रोफाइल बनाते वक्त साँझा कि थी अब वो आपकी जानकारी के बिना नीलाम होने के लिए रखी गई हैं| और जंहा तक बात रही इससे होने वाले नुक्सान कि तो इसका अंदाज़ा तो आप खुद ब खुद लगा सकते हैं|

इस डाटा लीक पर लिंक्डइन कि ओर से पेश कि गई सफाई में जारी एक ब्लॉग पोस्ट के जरिये कहा कि बिक्री की जानकारी कई वेबसाइटों और कंपनियों के डेटा का कलेक्शन है|

यह घटना डेटा ब्रीच नहीं थी और प्लेटफॉर्म से किसी भी प्राइवेट मेंबर की अकाउंट डिटेल शामिल नहीं थी| लिंक्डइन के मुताबिक सिर्फ पब्लिक मेंबर प्रोफाइल सहित कुछ लिंक्डइन डेटा को बिक्री के लिए स्क्रैप किया गया है|

यानि साधारण शब्दों में लिंक्डइन का कहना हैं कि आपका पर्सनल डाटा उसके लिए महत्वपूर्ण हैं और वो पूरी तरह सुरक्षति हैं जैसा कि हर सोशल मीडिया साईट दावा करती हैं|” आपको याद हो तो व्हाट्सऐप भी यही दावा लगातार करता आया हैं|

सरकार ने बेचा आम नागरिकों का पर्सनल डाटा

पर्सनल डाटा
Source Social Media

खैर इतना ही आपके पर्सनल डाटा लीक से जुडी एक खबर और हैं और वो ये कि नितिन गडकरी के परिवहन मंत्रालय ने आम लोगों की वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारियां सरेआम और बेहद कम क़ीमत पर फास्ट लेन ऑटोमोटिव नाम कि एक प्राइवेट कंपनी को बेच दीं|

दो खोजी पत्रकारों श्रीनिवास कोडली और श्रीगिरीश जलिहल ने मंत्रालय में आरटीआई के जरिये ये जानकारी जुटाई गई जिससे साफ होता है कि 2014 में किए गए इस सौदे में न सिर्फ़ खुद सरकार ने अपने बनाए नियमों की धज्जियां उड़ाईं बल्कि अपने ही मंत्रालय के अधिकारियों की गंभीर आपत्तियों को भी नज़रअंदाज़ करते हुए ये सौदा किया|

तमाम डेटा प्राइवेसी की चिंतायें ताक़ पर रखकर, सरकार की तरफ़दारी के बलबूते इस कंपनी ने न सिर्फ़ ये जानकारी घरेलू ख़रीदारों बल्कि विदेशी खरीददारों के साथ भी साझा की|

आपका पर्सनल डाटा किसी कंपनी के लिए कितना कीमती हो सकता हैं इसका अंजादा आप इसी से लगा सकते हैं कि इस डेटा के मिलने के महज़ एक साल के अंदर कंपनी का टर्नओवर 163 गुना बढ़ गया|

लेकिन सरकार को इसकी चिंता कहा हैं उन्हे इससे क्या और सबसे ज्यादा डराने वाली बात ये हैं कि इसे लेकर हमारे पास कोई कानून भी मौजूद नहीं हैं|

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तो यानी आपकी सुरक्षा और अपने पर्सलन डाटा के लिए आप यहाँ खुद ज़िम्मेदार हैं न तो सरकार आपकी सुरक्षा के लिए है और प्राइवेट कम्पनियों के वादे तो आप समझ ही चुके होंगे|

रिपोर्ट- पूजा पाण्डेय 

मीडिया दरबार 

 

 

 

 

 

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