अंतर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान के साथ रुस की बढ़ी दोस्ती से भारत को हो सकता हैं बड़ा खतरा ?

पाकिस्तान और रूस कि बढ़ती नजदीकियां

इन दिनों भारत में कोरोना के बाद जो मुद्दा सबसे अधिक हाइलाइट हो रहा है, वह मुद्दा है अमेरिकी विशेष दूत का भारत आना, अमेरिकी विशेष दूत जॉन कैरी इन दिनों भारत के दौरे पर है। इससे पाकिस्तान की टैंशन तो बढ़ गई है, लेकिन वहीं पाकिस्तान का रुस के साथ हथियारों का व्यापार होना भारत की भी टेंशन बढ़ा रहा है|

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इतिहास साक्षी रहा है कि भारत में अगर अमेरिका से कोई भी विशेष दूत भारत दौरे पर आया है तो वह पाकिस्तान दौरे के लिए ज़रुरु गया है। लेकिन जॉन कैरी ने यह प्रथा बदल दी है|

वहीं रुस जो हमेशा से पाकिस्तान के खिलाफ ही रहा है और इसका संबध भी रुस के साथ बेहतर नहीं है, इस बीच रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत के साथ साथ पाकिस्तानी दौरे पर  भी गए, इससे यह साफ दिखाई दे रहा है कि अब भारत का विदेश संबंध करवट ले रहा है।

पाकिस्तान का भारत के साथ संबंध नहीं था बेहतर

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अगरइन दोनों देशो के विदेश संबंधो की बात करें तो अमेरिका के साथ पाकिस्तान हमेशा से रहा है , अफगानिस्तान की लड़ाई को लेकर भी पाकिस्तानी सरकार  ने अमेरिका का साथ निभाते हुए तालिबान को खड़ा करने में पूरा सहयोग दिया था।

लेकिन किसी ने सच ही कहा है कि, विदेश संबध इतिहास को देखते हुए नहीं बल्कि वर्तमान में बनते बिगड़ते रिश्तों को देख कर लिए जाते है। शायद अब इसी पर अमल करते हुए रुस ने पाकिस्तान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।

लेकिन यहां रुस का pakistan के साथ दोस्ती करना ज्यादा हैरान नहीं करता, क्योंकि इस समय दुनिया में कोरोना काल के बीच चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर छिड़ी है, जिसके कारण अमेरिका के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी रुस का पाकिस्तान के साथ दोस्ती बढ़ाना तो लाज़मी था|

अगर आप यहां ये सोच रहें है कि रुस और अमेरिका की दुश्मनी के बीच पाकिस्तान क्यों बिचौलिया बन रहा है तो बतां दे की रुस का चीन के साथ बेहतर संबंध है और वो कहते है ना की दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है|

इसलिए रुस और चीन का एक साथ होना अमेरिका के लिए तो टेंशन बढ़ा ही रहा है वही पाकिस्तान जो चीन के नक्शे कदमों पर ही चलता है, इसलिए रुस ने भी pakistan के साथ दोस्ती करने में परहेज नहीं किया।

महमूद कुरैशी ने जताई खुशी

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करीब एक दशक बाद pakistan का दौरा करने वाले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सर्गेई के साथ बैठक की है। इस मुलाकात के दौरान सर्गेई ने जनरल कमर जावेद बाज़वा के साथ और इमरान खान के साथ मुलाकात की है।

यहां दोनो देश के बीच आतंकवाद, व्यापार, अर्थव्यवस्था और साथ ही द्वीपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई मुद्दों पर सहमित बनी है। लेकिन यहां रुस के विदेश मंत्री ने एक ऐसी घोषणा कर दी जिसके बाद से ही भारत की टेंशन बढ़ गई है।

दरअसल रुस के विदेश मंत्री ने pakistan को विशेष सैन्य हथियार मुहैया कराने को कहा है, और साथ ही द्रुझोब में रुस और पाकिस्तान द्वारा एक साथ सैन्य अभ्यास करने पर भी सहमित जताई है, रुस ने कहा है कि हम pakistan के आतंकवाद से निपटने की नीति को मजबूत करने की दिशा में एक साथ काम करेंगे।

 

दोनों देशों ने 2016 में एक साथ किया था सैन्य अभ्यास

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इससे पहले दोनों देशों ने 2016 में एक साथ सैन्य अभ्यास किया था, जिसका भारत ने विरोध ही किया था। अब रुस पाकिस्तान की मदद से पूरे साउथ एशिया में कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है।

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रुस और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर दोनो के बीच बनी दोस्ती पर भी खुशी जताई गई है। वहीं भारत के लिए यह टेंशन का विषय बन गया है कि क्योंकि रुस अब तक भारत का दोस्त ही रहा है। अब इन दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ना यकिनन भारत के लिए सही नहीं। भारत अब इस पर कैसे प्रतिक्रिया देता है यह देखना दिलचस्प है।

 

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें

मीडिया दरबार

 

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