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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ क्यों हो रही है हिंसा |

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ क्यों हो रही है हिंसा

बांग्लादेश

पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के मंदिरों को निशाना बनाया गया है। शनिवार को बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई घरों, दुकानों पर हमला किया और चार मंदिरों में तोड़फोड़ की।

यह घटना बांग्लादेश के खुलना जिले के रूपशा उपजिला के शियाली गाँव की है। बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने अपने ट्विटर हैंडल पर कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकियों द्वारा मंदिर में तोड़फोड़ की कुछ तस्वीरें ही विडियो शेयर की हैं। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।

https://twitter.com/UnityCouncilBD/status/1424250790554767361?s=20

ट्वीट में लिखा है, ”खुलना जिले के रूपशा उपजिला में शनिवार को सैकड़ों कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकियों ने शियाली और गोवारा गाँव पर हमला किया। उन्होंने इलाके के सभी मंदिरों और 58 हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

क्या है पूरा मामला बताते है आपको     

स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वा पारा मंदिर से शियाली श्मशान घाट तक रात करीब नौ बजे महिला श्रद्धालुओं के एक समूह ने जुलूस निकाला. उन्होंने रास्ते में एक मस्जिद पार की थी, इस दौरान मस्जिद के इमाम ने जुलूस का विरोध किया. इससे हिंदू भक्तों और इस्लामी मौलवी के बीच तीखी बहस हुई.

तय हुआ कि शनिवार को इस मामले को पुलिस के समक्ष उठाया जाएगा. समाचार एजेंसी IANS के अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना शनिवार दोपहर हुई, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह बताया कि इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक शनिवार शाम करीब पांच बजकर 45 मिनट पर करीब सौ हमलावर गांव पहुंचे.

हिंसा के दौरान मंदिरों में तबाही मचाई गई और घरों में तोड़फोड़ की गई. साथ ही शियाली गांव में हिंदू समुदाय के लोगों की छह दुकानों में तोड़फोड़ की गई. वहीं एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में 30 लोग घायल हुए.

इन सभी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. बताया गया कि हथियारों से लैस लोगों ने हमला किया. उधर रूपशा थाने के प्रभारी अधिकारी सरदार मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि इलाके में स्थिति नियंत्रिण में है.

के उपजिला निर्भय ऑफिसर (यूएनओ) और थाने के ओसी दोनों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस आरोप को लेकर बहस हुई थी कि हिंदू समुदाय के सदस्य शुक्रवार शाम को मस्जिद में नमाज के दौरान ‘गा’ कर रहे थे, जिसे उन्होंने ‘गलतफहमी’ बताया.

IANS के अनुसार रूपशा के यूएनओ ने कहा कि ‘मामले’ को उसी दिन सुलझा लिया गया था और शनिवार को हुए हमले का घटना से कोई लेना-देना नहीं था. नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने पास के चांदपुर गांव के युवक पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया.

एसपी खुलना महबूब हसन ने बताया कि इलाके में पुलिस टीमों को तैनात कर दिया गया है और शियाली गांव में स्थिति नियंत्रण में है| 2011 की संघीय जनगणना के अनुसार बांग्लादेश की 149 मिलियन जनसँख्या में करीब 8.5 फ़ीसदी लोगं हिन्दु धर्म का पालन करते हैं।

खुलना जिले में बडीं संख्य़ा में हिन्दु समुदाय़ के लोग रहते हैं। यहां 16 फीसदी लोग हिंदू धर्म का पालन करते हैं जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। इस घटना ने भारत में भी आक्रोश को बढ़ावा दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने हमले को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ जांच की मांग की है।

नेहा परिहार 

 

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