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मिस्र की 100 साल पुरानी वो ममी जो जाँच में पाई गई गर्भवती !!

मिस्र की 100 साल पुरानी वो ममी जो जाँच में पाई गई गर्भवती !!

सालों से छिपे राज़ पर अब बवाल क्यों ?

मिस्र एक ऐसा देश जिसने साल दर साल अपने भीतर किसी ना किसी राज़ को छिपाया है। कई बार धीरे धीरे इन रहस्यों से परते उतरती भी है और जब भी यह परते खुलती है तो साथ लाती है हैरान कर देने वाला सच। ऐसा ही कुछ एक बार फिर पोलैंड के वैज्ञानिकों को मिस्र की ज़मीन पर मिला है जिसने सभी को हैरान और परेशान कर दिया है। ऐसा क्या मिला है मिस्र की ज़मीन पर जानिए हमारी इस खास रिपोर्ट में-

ममी किसी गर्भवती महिला की है

 

मिस्र में पोलैंड के वैज्ञानिक कुछ सालो से एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहें थे, यह सभी वैज्ञानिक वॉरसॉ ममी नाम के प्रोजेक्ट पर काम कर रहें थे। साल 2015 से ही ये टीम मिस्र में पाई गई ममीज़ पर खोज, जाँच का काम कर रही है। पोलैंड के वैज्ञानिकों को अपने इस प्रोजेक्ट के तहत जो भी मिला है उसने इन सभी वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।

दरअसल पोलैंड के वैज्ञानिकों ने अनी खोज में पाया कि जिस ममी को अब तक वहां सभी पुजारी की ममी समझ रहें थे वो असल में एक गर्भवती महिला की ममी है। वैज्ञानिकों को इस बात का अंदाज़ा तब लगा जब ममी को स्कैन किया जा रहा था तब ममी के पेट में एक छोटा सा पैर दिखा, जिसके बाद उन वैज्ञानिकों को अंदाज़ा लगा कि ये किसी पुजारी की ममी नहीं बल्कि किसी गर्भवती महिला की ममी है।

ममी को मिस्र से पोलैंड साल 1826 में लाया गया था

इस प्रोजेक्ट के सह- संस्थापक वोहटेक एमंड के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस ममी को मिस्र से पोलैंड में साल 1826 में लाया गया था। तब यह मान कर इस ममी को रखा गया था कि यह किसी महिला की है लेकिन फिर साल 1920 के दशक में इस ममी पर मिस्र के पुजारी का नाम लिख दिया गया था। लेकिन अब हुई नई खोज के आधार पर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहें यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरसॉ के पुरातत्वविद और उनके सहयोगी इस खोज को प्रकाशित करने की तैयारी में है।

रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों को कंम्यूटर टोमोग्राफी की सहायता से बिना ममी की पट्टियां हटाए जो हाथ लगा उसमें महिला के प्राइवेट पार्ट 3डी इमेज में उसके लंबे घुंघराले बाल और स्तन को देखा गया। महिला की उम्र 20 से 30 वर्ष के भीतर की बताई जा रही है,और उसके गर्भधारण को लगभग 26 से 30 हफ्तें हो गए थे जब महिला की मृत्यु हुई है। हालांकि महिला की मृत्यु का कारण अभी सामने नहीं आ पाया है, इस पर जाँच की जा रही है।

ममी के शरीर में भ्रूण छोड़ने के पीछे हो सकता है धार्मिक कारण

लेकिन इस ममी के साथ जो सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है वो ये है कि आखिर महिला की मृत्यु के बाद भी उस भ्रूण को बाहर क्यों नहीं निकाला गया। आमतौर पर मिस्र में जब भी किसी व्यक्ति के मृत शरीर की ममी बनाई जाती है तो उसके शरीर के अंदर के सभी भाग को बाहर निकाल दिया जाता है। हालांकि इसके पीछे माना जा रहा है कि कोई धार्मिक कारण हो सकता है या फिर उस भ्रूण को किसी और मंशा के साथ ही महिला के शरीर के भीतर ही छोड़ दिया गया हो।

इस ममी के साथ सवाल तो एक और खड़ा हो रहा है कि आखिर ममी के ऊपर उस पुजारी का नाम क्यों लिखा गया था। इस सावल के पीछे आशंका तो यह भी जताई जा रही है कि मृत महिला किसी गरीब परिवार से रही होगी, जिसे शायद पादरी के ताबूत को चोरी करके उसमें रखा गया हो। मिस्र में ऐसे बहुत से मामले सामने आए है जिसमें अमीर और संपन्न लोगों के ताबूतों को चुरा लिया जाता है क्योंकि उसमें मूल्यवान चीज़े रखी जाती है। यहां तक के दोबारा से किसी मृत शरीर को रखने के लिए भी ताबूत को इस्तेमांल किया जाता है।

जाँच जारी है लेकिन यह पौलैंड के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी खोज और सफलता मानी जा रही है।

रिपोर्ट- रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

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