राष्ट्रीय

रक्षा मंत्री ने किया बड़ा एलान, 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबन्ध !

रविवार, 9 अगस्त को सुबह 10 बजे रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह ने देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़े कुछ बड़े  ऐलान करे हैं. दरअसल, देश को “आत्मनिर्भर” बनाने और सेना को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगा दी है. उनका कहना है कि, यह फैसला भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लिया गया है, जो कि अपने आप में ही “स्वदेशीकरण” की और एक कदम बढ़ाने जैसा है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि, जिन भी रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाई जा रही है, उन सभी रक्षा उपकरणों को सूचिबद्ध करने से पहले सशत्र-बलों, सार्वजनिक, निजी उद्द्योग सहित कई अन्य हितधारकों के साथ परामर्श लिया गया है. रक्षा मंत्रालय ने भारत में रक्षा उपकरणों को तैयार करने और ख़रीद-बेच करने वाले सभी उद्द्योगों का वर्तमान और भविष्यकाल ध्यान में रखते हुए यह फैसला रविवार की सुबह देश की जनता के सामने पेश किया. राजनाथ सिंह ने घोषणा करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अहम उद्देश्य “आत्मनिर्भर भारत” की भी चर्चा करते हुए कहा कि, भारत सरकार ने विशेष तौर से 5 स्तम्बों के आधार पर भारत को आत्मनिर्भर बनाने का ख्वाब संजोया है जिनमे अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रणाली, जनसांख्यिकी और मांग शामिल है.

तो चलिए देखते है कि वो कौन-कौन से 101 उपकरण है जिनके आयात पर रक्षा मंत्रालय ने प्रतिबन्ध लगा दिया है !

रक्षा मंत्री ने जिन 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाई है उनमे छोटे पार्ट्स के साथ-साथ रडार, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एल.सी.एच, सोनार सिस्टम, कोरवेट, आर्टीलरी गन और असॉल्ट राइफलें जैसे कई बड़े उत्तम तकनीकी वाले रक्षा उपकरण शामिल है. रक्षा मंत्री ने कहा कि, अगर हम वर्ष 2015 से 2020 के अगस्त तक इन सामानों के कॉन्ट्रैक्ट का आकड़ा निकाले तो, लगभग 260 योजनाये बनाने के बाद 3.5 लाख करोड़ रूपए तक का कॉन्ट्रैक्ट घरेलु उद्द्योगो को दिया गया था. इस हिसाब से नई योजना के तहत, केंद्रीय रक्षा मंत्री का अनुमान है कि अगले 5 से 6 वर्षों में घरेलु उद्द्योगों को कम से कम 4 लाख करोड़ तक का कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है जिससे रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध होंगे.

रक्षा मंत्री, राजनाथ सिंह का कहना है कि, ”अभी 3 वर्षो यानि कि साल 2020 से 2024 तक के लिए रक्षा हथियारों के आयातों पर धीरे-धीरे प्रतिबन्ध लगाने की योजना बनाई गई है. अगर अगले कुछ सालों में घरेलु रक्षा उद्द्योगों को अच्छा ख़ासा मुनाफ़ा और युवा को रोज़गार मिलता दिखेगा तो आगे और भी ऐसी योजनाये बनाई जायेंगी ताकि हम आत्मिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें.

बता दें, केंद्रीय रक्षा मंत्री ने वर्ष 2020 से 2021 में घरेलु रक्षा उद्द्योगों में उत्पादन बढ़ोतरी के लिए अलग से 2 लाख 70 हज़ार करोड़ रूपए के विशेष बजट का प्रावधान किया है, जिनमे 1 लाख 30 हज़ार करोड़ का सामान थल सेना और वायू सेना के लिए और लगभग 1 लाख 40 हज़ार करोड़ रूपए के सामान नौसेना के लिए सुनिक्षित किया गया है.

देश-दुनिया और अपने शहर की हर छोटी-बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें मीडिया दरबार के साथ.

शेयर करें
COVID-19 CASES