अंतर्राष्ट्रीय

रूस की वैक्सीन हो चुकी है अपने पंजीकरण के लिए पूरी तरह से तैयार ..

कोरोना महामारी के वैश्विक प्रोकोप को रोकने के लिए दुनियाभर में vaccines के ऊपर शोध चल रही है. विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक़, पूरे विश्व में 200 से भी अधिक संस्थानों में vaccines तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है और लगभग 24 vaccines अपने ह्यूमन ट्रायल के पहले- दुसरे चरण पर सफल साबित हो चुकी है. अब ऐसा प्रतीत होता है जैसे, कोरोना संक्रमण रोग को विश्व से ख़त्म करने के लिए वैक्सीन का इंतज़ार लगभग समाप्त होने को है. ख़बरों की माने तो, परिक्षण में चल रही दुनियाभर की सभी वैक्सीन में रूस की वैक्सीन सबसे आगे है और आने वाले 4 दिनों में वैक्सीन के पंजीकरण कि प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी ऐसा रूस के प्रसाशन का दावा है.

चलिए एक बार देख लेते है कि, रूस के गेमली इंस्टिट्यूट में बनाई जा रही वैक्सीन पर वहाँ के शोधकर्ताओं, मंत्रालय और विशेषज्ञों का क्या कहना है..

असल में, बीते शुक्रवार 7 अगस्त को रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री, ओलेग ग्रिडनेव ने कहा है कि, हमारे देश में तैयार की गई वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के 2 चरणों को सफलतापूर्वक पार कर चुकी है. साथ ही उन्होंने रूस के लोगों को राहतभरी ख़बर देते हुए दावा किया है कि, रूस के गेमली इंस्टिट्यूट में तैयार की गई विश्व की पहली कोरोना वैक्सीन का पंजीकरण अगामी बुद्धवार यानि कि 12 अगस्त को कराया जाएगा. फिलहाल यह अपने परीक्षण के तीसरे और अंतिम चरण पर है. उनका कहना है कि, इस  वैक्सीन के तीसरे चरण का परिक्षण बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है, इस परिक्षण में आने वाले ख़र्चे को सरकार खुद उठाएगी.

ग्रिडनेव ने कहा कि, वैक्सीन अगर अपने अंतिम ट्रायल को भी सफलापूर्वक पार कर लेती है तो, सबसे पहले वैक्सीन का टीकाकरण चिकित्सा पेशेवरों और वरिष्ठ नागरिकों को लगाया जायेगा, उसके बाद वैक्सीन को रूस के बाकि नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जायेगी. वहीँ, रूस के स्वास्थ्य मंत्री, मिखाईल मुराश्को ने घोषणा किया है कि, रूस की वैक्सीन अब तक हर ट्रायल में सफल रही. आगे भी ऐसा होता है तो, रूस वैक्सीन के टीकाकरण का काम अक्टूबर से देश-विदेश में काफी बड़े पैमाने पर शुरू कर देगा.

रूस के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि, रूस में बनायी जा रही ये वैक्सीन कोरोना वायरस से लड़ने के लिए इंसानों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और उसे लम्बे समय तक के लिए बरकरार भी रखती है. उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन कोरोना के लक्षणों को कम करने में मददगार है. जिसकी मदद से हम वायरस की संख्या को बढ़ने से आसानी से रोक पायेंगे.

बता दें, यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल लाइब्रेरी की वेबसाइट पर रूस वैक्सीन “गेम कोविड वैक-ल्यो” नाम से दर्ज है. वैक्सीन को गेमली इंस्टिट्यूट ऑफ़ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने तैयार किया है. रूस की इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए दो ग्रुप को चुना गया था. जिन दो अलग-अलग समूहों पर वैक्सीन आज़माई जा रही थी, उनमे से 1 समूह के लोगों को 15 जुलाई और दुसरे समूह  को 20 जुलाई को घर भेज दिया गया था और परिक्षण का तीसरा चरण अभी जारी ही है.

चलिए एक बार जल्दी से देख लेते हैं कि विश्व की और कौन-कौन सी वैक्सीन अपने दुसरे या अंतिम चरण पर है …

ब्रिटेन की ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी 2 अलग-अलग vaccines पर परिक्षण कर रही है, जिसमे एक AGDD-1222 और दूसरी CHADOX है. दोनों ही अपने ह्यूमन ट्रायल के पहले और दुसरे चरणों में सफल सिद्ध हुई है. कैंब्रिज की मोडरना वैक्सीन भी अभी काफी हद तक सफल ही साबित हुई है. इनके अलावा, अमेरिकी बायोटेक कंपनी, चीन की सिनोफोर्म और सिनोटेक कंपनी भी काफी जम कर वैक्सीन के परीक्षणों में लगी है. अगर हम अपने देश भारत की बात करें तो, भारतीय बायोटेक कंपनी की को-वैक्सीन फिलहाल ह्यूमन ट्रायल के दुसरे चरण पर है और यह अपने परीक्षणों के लिए देश की लगभग 12 संस्थाओं का चयन कर रही है.

इसके साथ ही, दुनियाभर के विशेषज्ञों का अनुमान लगाया जा रहा है कि, 2020 के दिसम्बर तक कोई न कोई वैक्सीन अपने परिक्षण के तीनो चरणों में सफल हो जाएगी और उम्मीद है कि जनवरी 2021 तक मार्किट में भी आ जाएगी. अब देखना यह है कि क्या रूस की यह वैक्सीन जो की 12 अगस्त को अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार है, वह कोरोना वायरस को खत्म करने में मददगार साबित होगी या नहीं ?

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