विचार

राज्यसभा में भी बीजेपी हासिल करेगी बहुमत का आंकड़ा ?

राज्यसभा में भी अब बीजेपी बन सकती हैं सबसे बड़ी पार्टी

आज देश में सबसे बड़ी पार्टी कौन सी हैं ये सवाल सुन कर आप भी कहेंगे अरे ये भी कोई पूछने वाली बात हैं सबकों पता हैं बीजेपी भारतीय जनता पार्टी आज के समय में भारत की सबसे बड़ी पार्टी हैं|

भारतीय जनता पार्टी की सरकार हैं हमारे देश में 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बीते 30 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अकेले अपने दम पर 283 सीटों पर जीत हासिल की थी।

लोकसभा में 2014 से बीजेपी हैं बहुमत में

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वही 16वे लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन यानि NDA को कुल 336 सीटें हासिल हुई थी। इस आकड़ें के साथ ही 1984 में कांग्रेस के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पहली ऐसी पार्टी बनी थी जिसने अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें जीती थीं।

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इससे पहले 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस को इस तर्ज का बहुमत मिला था। हालाँकि कांग्रेस का वो अकड़ा बीजेपी पार नहीं कर पाई थी उस वक्त कांग्रेस ने अपने दम पर 404 सीटें जीती थीं।

इसके बाद 2019 में 17हवि लोकसभा के चुनाव के बीजेपी का ये आंकड़ा और बढ़ा बीजेपी ने 2019 के चुनाव में अकेले अपने दम पर लोकसभा ने 303 का आंकड़ा पार किया और अगर यहाँ बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन यानि NDA की बात करे तो NDA को 2019 में कुल 353 सीटो पर जीत हासिल हुई थी|

लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा 272 होता हैं जिसे दोनों ही बार बीजेपी ने अपने अकेले के दम पर पार कर लिया लोकसभा में अपने इस बहुमत का बीजेपी ने भी अपने पूरा पूरा फायदा उठाया हैं|

बीजेपी 2014 से लेकर अब तक अपने बहुमत के दम पर 100 से भी अधिक बिल पारित करा चुकी हैं| आप अक्सर सुनते होंगे की बीजेपी बड़े फैसले लेने वाली पार्टी हैं बिना किसी डर के फैसले लेती हैं तो यहाँ कही न कही बीजेपी को ये हिम्मत लोकसभा में उनके बहुमत के आकड़ों से मिलती हैं|

राज्यसभा से बिलों को पास कराने में आती हैं अड़चन

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लेकिन किसी भी बिल को पास कराने के लिए सिर्फ लोकसभा में पार्टी का मजबूत होना काफी नहीं होता इसके लिए राज्यसभा से भी उस बिल का पास होना आवश्यक होता हैं अब अगर हम राज्यसभा में बीजेपी की सीटों की बात करे तो बीजेपी के लिए यहाँ अड़चनें पैदा होती हैं, क्योंकि किसी भी विवादास्पद कानून को पारित कराने के लिए राज्यसभा में उसकी दूसरे दलों पर उसे निर्भर रहना  पड़ता है|

और अब अपनी इसी अड़चन को बीजेपी जल्द से जल्द दूर करना चाहती हैं यानि भारतीय जनता पार्टी अब राज्यसभा में भी अपना बहुमत चाहती हैं|

दूसरी ओर इस सदन में करीब चार दशको तक लगातार बहुमत में रहने वाली कांग्रेस की सदस्य संख्या राज्यसभा में अब महज 36 रह गई है|

जहां तक राज्यसभा में बहुमत का सवाल है, पिछले तीन दशक से इस सदन में यह स्थिति रही है कि सरकार भले ही किसी की भी हो, लेकिन इस सदन में उसका बहुमत नहीं रहा है|

राज्यसभा में अगर हम बीजेपी के बहुमत के आकड़ों की बात करे तो इस समय 245  सदस्यों के इस सदन में बहुमत के आंकडे से BJP अभी 29 सीटो की दूरी पर हैं| बीजेपी के गठबंधन के दलों में ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक के 9, जनता दल यूनाइटेड के 5 और असम गण परिषद तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के 1-1 सदस्य हैं|

यानि बीजेपी का गठबंधन एनडीए भी राज्यसभ में बहुमत के आंकड़े से 13 सीटें दूर है| यंहा आपकों ये भी बता दे की राज्यसभा में 7 सीटें कई अन्य कारणों से रिक्त पड़े हैं|

फिलहाल संसद के ऊपरी सदन में बीजेपी की ताकत लगातार बढ़ रही है. पिछले तीन महीने में उसके संख्या बल मे दो सीटों का इजाफा हुआ है, जिससे राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या 92 से बढ़कर 95 हो गई है|

कैसे पार करेगी बीजेपी राज्यसभा में बहुमत का आँकड़ा

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यानि इस तरह से अगर देखे तो भाजपा के राज्यसभा में सांसदों की संख्या जल्द ही 100 का अकड़ा पार कर जाएगी| बीजेपी का 100 के आंकड़े को छूना उसके खुद के लिए तो एक बडी उपलब्धि होगी ही, देश की संसदीय राजनीति के लिए भी यह एक बड़ी घटना साबित होगी क्योंकि हाल के वर्षों में किसी भी पार्टी के पास राज्यसभा में 100 सांसद नहीं रहे हैं| ऐसे में ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होगी| अब आपके मन में शायद सवाल होगा की ऐसा कैसे हो सकता हैं तो ये भी आपकों हम बता देते हैं |

तो यहाँ बीजेपी के राज्यसभा में सीटों का आंकड़ा आने वाले पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावो और अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर निर्भर करेगा|

राज्यसभा के सांसदों के चुनाव का क्या हैं तरीका

कयोंकि राज्यसभा के सांसदों का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से राज्यों और केन्द्रों के विधान राज्य की विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों तथा संघ राज्य क्षेत्र के निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार किया जाता है| ऐसे में जाहिर सी बात हैं की राज्यों में बीजेपी की अधिक सीटें उसे राज्यसभा में भी मजबूत करने में ममद करेंगी

लेकिन यहाँ सवाल ये उठता हैं की क्या संसद के दोनों सदनों में एक दल का बहुमत में होना लोकतन्त्र के लिए उचित हैं| अकेले लोकसभा में बीजेपी के बहुमत का असर हमने बीते सालों में देखा हैं और हाल में भी देख रहे हैं|

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ऐसे में अगर राज्यसभा में भी बीजेपी बहुमत में आ जाती हैं, तो वो अपने सभी विवादित बिलों को बिना किसी दबाव के पास कर सकेगी और किसी भी पार्टी का लोकतान्त्रिक देश में दवाब मुक्त होना एक सफल लोकतंत्र के लिहाज़ से सही नहीं हो सकता|

खैर ये तो आने वाले राज्यों के चुनाव और उनके नतीजे बताएँगे की आगे क्या होता हैं फिलहाल बीजेपी अपनी और से सारे संभव प्रयास कर रही हैं|

रिपोर्ट- पूजा पाण्डेय 

मीडिया दरबार 

 

 

 

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