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हिन्दू ECOSYSTEM की क्यों है भारत को आवश्यकता

हिन्दू ECOSYSTEM की क्यों है भारत को आवश्यकता

धर्म परिवर्तन हमेशा से ही एक विवादित विषय रहा हैं देश विदेशो से आती खबरे हमें यह बताने के लिए काफी होती हैं की किस तरह अलग अलग प्रपंचो के सहारे समाज के गरीब और अशिक्षित लोगो को उनकी संस्कृति और धर्म से दूर किया जा रहा हैं. भारत एक पंथ निरपेक्ष देश हैं क्यूंकि भारत के संविधान निर्माताओ का सोचना था की यहाँ रह रहे लोगो का धर्म कुछ भी हो उनकी अंतरात्मा पंथनिरपेक्ष रहेगी. लेकिन समय के कुचक्र में संविधान निर्माता की सोच आज हमारे देश के विचारो से विलुप्त हो चुकी हैं. भारत में लोगो को धार्मिक स्वतंत्रता हैं और हर वर्ग को अपने धर्म का अनुसरण करने की आजादी देता हैं. लेकिन आज के परिपेक्ष में भारत के रहवासियों में अजीब सी उलझन उत्पन हो गयी हैं और सभी एक वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं और वह लड़ाई हैं धर्म की.
धर्म परिवर्तन हमेशा से ही एक विवादित विषय रहा हैं
भारत एक पंथ निरपेक्ष देश हैं
हर एक वर्ग आज के समय में अपने धर्म को ऊपर दिखाने की दौड़ में हैं और उसके लिए वह कोई भी असंवेधानिक तरीका अपनाने को भी तैयार हो रहा हैं. भारत आज पुरे विशव में एक मात्र ऐसा देश हैं जहा हिन्दू बहुसंख्यक हैं और सुकून से सांस ले पा रहे हैं. लेकिन हिन्दुस्तान सिर्फ हिन्दू धर्म के लोगो का ही देश नहीं हैं यह एक बहुधार्मिक और बहुभाषी देश भी हैं जो हिन्दुस्तान की ख़ूबसूरती और सनातन धर्म की सबको अपने में समाहित कर लेने की संस्कृति को भी प्रदर्शित करता हैं. जब पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा था तब हिन्दुस्तान ने विश्व समुदाय को यह सिखाया की किस तरह आपसी समन्वय और एकता का प्रदर्शन करते हुए भारत ने वसुदेव कुटुम्बकम की सनातनी सीख विश्व समुदाय के बीच स्थापित की और विश्व समुदाय को एकता और भाईचारे का मंत्र दिया.
हर एक वर्ग आज के समय में अपने धर्म को ऊपर दिखाने की दौड़ में हैं
भारत आज पुरे विशव में एक मात्र ऐसा देश हैं जहा हिन्दू बहुसंख्यक हैं
विश्व समुदाय को एकता और भाईचारे का मंत्र दिया.
लेकिन भारत में अभी एक ट्रेंड काफी तेज़ी से आगे बढ़ रहा हैं की यहाँ भारी संख्या में हिन्दू अपना धर्म परिवर्तन कर गैर हिन्दू समुदाय की और बढ़ रहे हैं. यह एक तय व्यवस्था के तहत किया जा रहा हैं और इस तरह की ताकतों की हमेशा से यहाँ मंशा होती हैं की धर्म परिवर्तन इस तरह किया जाए की अधिंकाश लोग या तो अपना धर्म परिवर्तित कर ले और बाकि बचे लोग इतने महत्वहीन हो जाए की वह उनके अनुसार अपने कार्य और जीवनशैली को परिवर्तित कर ले. आज के समय जरूरत इस बात की हैं की हिन्दू समाज भी अपने लिए एक इकोसिस्टम उत्पन करे और अपने लोकल क्षेत्र के मंदिर में जा कर एकत्र हो और मंदिर में सेवा कार्य करे. इस से हिन्दू समाज इस बात से सचेत रहेगा की कोई दुसरे धर्म का व्यक्ति हमारे समाज में दखल अंदाजी तो नहीं कर रहा हैं या हिन्दू समाज के गरीब और अशिक्षित व्यक्ति को अलग अलग प्रलोभन दे कर उनका धर्म परिवर्तित तो नहीं कर रहा हैं. क्यूंकि हिन्दुस्तान में जहा हिन्दू बहुसंख्यक हैं, वही दूसरी और भारत में भी कई राज्य ऐसे हैं जहा हिन्दू अल्पसंख्यक हैं, वह राज्य हैं मिजोरम,नागालैंड,मेघालय जम्मू कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश पंजाब, मणिपुर और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी ,और कई राज्यों में हिन्दू के अस्तित्व पर भी खतरा उत्पन हो रहा हैं. इसलिए समय की मांग यह हैं की दुसरे धर्म का सम्मान करते हुए अब अपने धर्म को भी सुरक्षित रखा जाए.

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