कच्चे तेल में भारी गिरावट, घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता को राहत देने के लिए सरकार लगातार समाधान ढूंढ रही है. इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार से अच्छी खबर आई है, जो ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत देने में मदद कर सकती है.

शुक्रवार को रूस की तरफ से तेल की आपूर्ति में ढील देने के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों नरमी आई है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से भी राहत मिल सकती है.

शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 44 सेंट्स सस्ता हुआ है. इसके साथ ही 78.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत भी नीचे आई है. 33 सेंट्स की कटौती के साथ यह 70.38 डॉलर प्रति बैरल पर फिलहाल बना हुआ है.

रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने अपने सउदी समकक्ष खालिद अल-फलिह से वार्ता की. इस दौरान दोनों देश कच्चे तेल की वैश्व‍िक आपूर्ति की शर्तों को आसान करने के लिए राजी हुए.

पिछले एक साल से कच्चे तेल की आपूर्ति काफी कम हुई है. इसके लिए पेट्रोलियम एक्सपोर्ट‍िंग कंट्रीज (OPEC) की तरफ से नियम कड़े किए जाना जिम्मेदार था. इसके अलावा वेनेजुएला में जारी आर्थिक संकट ने भी कच्चे तेल की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाने का काम किया है.

रूस और सउदी की तरफ से वैश्व‍िक आपूर्ति के लिए नियम आसान करने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब कच्चे तेल की कीमतों में कुछ हद तक राहत मिलेगी. अगर ऐसा होता है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत मिल सकती है. इससे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा बोझ कम हो सकता है.

बता दें कि कर्नाटक चुनाव के बाद पिछले 11 दिनों से लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. शुक्रवार को 12वें दिन भी पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान पर बने हुए हैं. देश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 85 का आंकड़ा पार कर चुकी है. वहीं, डीजल भी 72 रुपये के पार पहुंच गया है. ऐसे में कच्चे तेल में नरमी की खबर राहत देने वाली साबित हो सकती है.