राष्ट्रीय

शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार का रोडमैप

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में एग्जाम रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने और जेईई, नीट आदि की कोचिंग करवाने जैसे कई अहम योजनाओं का ऐलान किया।

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा के चुनावों के लिए अपनी कमर कस ली है और वो फिर से सत्ता में आने के लिए रोज नई-नई योजनाओं का ऐलान कर रही है। महिलाओं के लिए मैट्रो और बसों में मुफ्त सफर योजना और दंगा पीड़ितों के बिजली बिल माफ करने के बाद अब सरकार दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण योजना लेकर आई है।

सीबीएसई बोर्ड के सत्र 2018-19 में 12वीं कक्षा के परिणामों में फिर एक बार दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने बाजी मारी है। 90 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए दिल्ली सरकार ने त्यागराज स्टेडियम में एक कार्यक्रम रखा। जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकारी स्कूल के बेहतर परर्फोरमेन्स की सरहाना की। उन्होंने कहा सरकारी स्कूल का रिजल्ट इस बार 94.2 प्रतिशत रहा है जिसने पिछले 21 साल के रिकार्ड को तोड़ा है और लगातार 4 साल से प्राईवेट स्कूलों को पछाड़ा है और 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2 गुनी बढ़ गई है। केजरीवाल ने इस बात की खुशी जताई कि पहले लोग प्राईवेट स्कूलों में अपने बच्चों के एडमिशन की सिफारिश लेकर जाते थे लेकिन अब सरकारी स्कूल के बच्चों की सिफारिश लेकर भी आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदार सरकार हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है।

दिल्ली सरकार स्कूल मे पढ़ रहे 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को जेईई, नीट समेत दूसरी प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था करेगी। साथ मे ग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए यूपीएससी की परीक्षाओं के लिए कोचिंग की व्यवस्था करेगी।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया ने इस कार्यक्रम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को सीबीएसई एग्जाम रजिस्ट्रेशन फीस के लिए 1500 रूपये देने की जरूरत नहीं है दरअसल एक छात्रा ने डिप्टी सीएम के समक्ष यह बात रखी कि उसके परिवार के पास एग्जाम रजिस्ट्रेशन फीस भरने के पैसे नहीं है इसी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है साथ ही सिसोदिया ने कहा मुख्यमंत्री ने मुझे निर्देष दिए है कि यदि किसी विद्यार्थी में टैलेंट है और वो आर्थिक रूप से कमजोर है तो पैसों की कमी के चलते किसी विद्यार्थी की पढ़ाई नही रुकनी चाहिए।

लोन स्कीम

10 लाख तक के एजुकेशन लोन पर दिल्ली सरकार गारंटी देगी और लोन की राशि विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद 15 साल तक चुका सकते हैं।

स्कॉलरशिप स्कीम

जिस परिवार की आय 6 लाख से कम और 2.5 लाख से ज्यादा है और वह दिल्ली की किसी यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट है तो उनकी फीस का 25 प्रतिशत दिल्ली सरकार स्कॉलरशिप देगी।

यदि परिवार की आय 2.5 लाख रूपये से कम और 1 लाख से ज्यादा है तो दिल्ली सरकार उसे 50 प्रतिशत स्कॉलरशिप देगी। यदि आय 1 लाख से कम है तो सरकार 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप के रूप में वापस कर देगी।

केजरीवाल सरकार दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अहम फैसले लेते जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार का काम संतोषजनक है यह सारे ऐलान यदि लागू हो जाएं तो दिल्ली के गरीब विद्यार्थियों भी अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

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