अंतर्राष्ट्रीय

धारा 370 के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट आई सामने

भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म, इससे किसे होगा नुकसान ?

कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट में फैसले लेते जा रहा है पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने का फैसला लिया है। पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के साथ राजनयिक संबंधों को भी डाउनग्रेड करने का फैसला लिया। यह फैसला लेने के कुछ देर बाद ही पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र का रास्ता भी रोक दिया है। गुरूवार रात को ही पाकिस्तान ने एयर स्पेस के एक कॉरिडोर को बंद कर दिया जिससे की अब विदेशी उड़ानों को अब 12 मिनट का ज्यादा सफर तय करना होगा। साथ ही पाकिस्तान के पड़ोसी मुल्क ने भी अपने हवाईक्षेत्र को आंशिक रूप से बंद कर दिया है और साथ ही साथ विदेशी विमानों की पाकिस्तान से उड़ान की उंचाई भी बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि एअर इंडिया पाकिस्तानी के हवाईक्षेत्र से रोजाना करीब 50 उड़ानों का संचालन करती है। वहीं गुरूवार को पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस को भी रोक दिया।
ऐसा पहली बार नही जब पाकिस्तान ने अपनी बौखलाहट में एयरस्पेश बंद कर दिया हो इससे पहले भी जब भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान से अपना एयर स्पेस बंद कर दिया था। जब भी पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा कोई फैसला लिया जाता है तो पाकिस्तान उसके ऐवज में अपने हवाईक्षेत्र को बंद कर देता है जिससे की उसे लगता है कि भारत को इससे बहुत बड़ा नुकसान होगा लेकिन ऐसा नहीं है।
भारत के साथ व्यापारिक संबंध को तोड़ कर पाकिस्तान ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया हैं। व्यापार को लेकर पाकिस्तान की हालात पहले ही खस्ता हो रखी है और अब इस फैसले से पाकिस्तान को और नुकसान झेलना पड़ेगा।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को निलंबित करने का पाकिस्तान का फैसला उसी को नुकसान पहुंचाएगा। क्योंकि पाकिस्तान भारत से बहुत सी आवश्यक वस्तुओं का आयात करता है.
लेकिन फरवरी में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार संबंधों में पहले से ही तनाव चल रहा था। भारत….. पाकिस्तान को जो वस्तुएं निर्यात कराता है उसमें पहले ही कमी आयी आई हुई है. निर्यातकों के संगठन फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने बताया है कि व्यापार संबंधों को निलंबित करने से भारत से ज्यादा पाकिस्तान पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि भारत व्यापार के मामले में पाकिस्तान पर ज्यादा निर्भर नहीं है इसलिए भारत को इससे ज्यादा नुकसान नहीं होगा। जबकि पाकिस्तान की भारत पर निर्भरता अधिक है तो इससे पाकिस्तान को ही ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

भारत के साथ पाकिस्तान के व्यापारिक आंकड़े

पाकिस्तान से भारत का आयात इस साल मार्च में घटा और 28.4 करोड़ डालर ही रहा जबकि मार्च 2018 में यह आंकड़ा लगभग 3.5 करोड़ डालर था.
भारत के पड़ोसी देश को निर्यात का सालाना आधार पर 32 प्रतिशत घटा जो 17.13 करोड़ रहा, लेकिन वित्त वर्ष 2018-19 का अनुमान लगाया जाए भारत का पाकिस्तान को निर्यात 7.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2 अरब डालर रहा.
आपको बता दे कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में संकल्प पत्र पेश किया था। जिसे दोनों सदनों के साथ साथ राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिली। जिसके बाद से ही पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है धारा 370 की प्रतिक्रिया के रूप में पाकिस्तान ने भारत से द्विपक्षीय व्यापार को खत्म कर दिया, भारत के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशंस को भी डाउनग्रेड किया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नैशनल सिक्यॉरिटी कमिटी (NSC) की बैठक बुलाई जिसमें यह फैसला लिया गया
व्यापार और हवाईक्षेत्र बंद करने के बाद पाकिस्तान ने भारत पाकिस्तान के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस को भी रद्द करने का फैसला लिया है। और यह सब गतिविधि अनुच्छेद 370 के लागू होने के बाद दिखाई दी ।

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