अंतर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान हुआ ब्लैकलिस्टिड

लगातार आतंकी गतिविधियो में लिप्त और टेरर फंडिंग करने के मामले में पाकिस्तान को जोर का झटका लगा है। एफ.ए.टी.एफ की लगातार चेतावनी देने के बाद भी पाकिस्तान ने आतंकियो की आर्थिक मदद करने से बाज़ नही आया।

शुक्रवार को फायनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) के  एशिया प्रशांत क्षेत्र के ग्रुप ने पाकिस्‍तान को ब्‍लैकलिस्‍ट की सूची में डाल दिया है| ऐसा पाकिस्‍तान की ओर से टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के 40 मानकों में से 32 मानकों में फेल होने पर किया गया है|

इसके अलावा टेरर फंडिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों के लिए 11 मापदंडों में से 10 को पूरा करने में पाकिस्तान विफल साबित हुआ है| अब पाकिस्तान अक्टूबर में ब्लैक लिस्ट हो सकता है, क्योंकि एफएटीएफ की 27-पॉइंट एक्शन प्लान की 15 महीने की समयावधि इसी साल अक्टूबर में खत्म हो रही है|

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ऑस्ट्रेलियाई शहर कैनबरा में बैठक हो रही है| यहां पाकिस्तान से जुड़ी म्युचुअल इवेल्यूशन रिपोर्ट (MER) पेश होने के बाद स्वीकार की जानी है| इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स को अनुपालन रिपोर्ट सौंपी| इसमें 27 सूत्री कार्ययोजना (एक्शन प्लान) का उल्लेख है|

एफएटीएफ की ओर से ब्‍लैकलिस्‍ट की सूची में डाले जाने से पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर और बुरा असर होगा| अब पाकिस्‍तान को वैश्विक स्‍तर कर्ज लेने में और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा| अभी पाकिस्‍तान वैसे भी कंगाली के दौर से गुजर रहा है| कश्‍मीर मुद्दे पर उसे अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर बेइज्‍जती भी झेलनी पड़ रही है|

अब पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ, एडीबी, यूरोपियन यूनियन जैसी संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा मूडीज, स्टैंडर्ड ऐंड पूअर और फिच जैसी एजेंसियां उसकी रेटिंग भी घटा सकती हैं। एफएटीएफ वर्ष 2000 से ब्‍लैक लिस्‍ट जारी करता है। इस लिस्‍ट में शामिल देशों को टैक्‍स हेवन माना जाता है। 

आकाश भारदाज (मीडिया दरबार डेस्क)

 

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