पर्यटन

इस बार की सर्दियों में बर्फ़बारी का आनंद ले नारकंडा में

हिमाचल प्रदेश एक मनोहारी राज्य है| यहाँ की खुबसूरत पहाड़ियां और हरीभरी वादियाँ पर्यटकों को बरबस अपनी तरफ खिंचती हैं| और मौसम अगर सर्दियों का हो तो हिमाचल जैसे स्वर्ग बन जाता है|
हिमाचल प्रदेश में ऐसे कई खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं-जैसे मनाली, शिमला, कुल्लू आदि | हम आपको ऐसी ही एक अन्य खुबसूरत हिलस्टेशन के बारे में बता रहे हैं, जिसकी खूबसूरती आपको प्रकृति के अत्यंत करीब लाएगी | अमूमन कम भीड़ भाड़ वाला यह इलाका सर्दियों के मौसम में पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन जाता है| इस खुबसूरत हिलस्टेशन का नाम है ……नारकंडा |

नारकंडा

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित नारकंडा एक नगर पंचायत है| यह शिमला जिले के अंतर्गत ही आता है | नारकंडा समुद्र तल से 2708 किलोमीटर की ऊंचाई पर हिंदुस्तान-तिब्बत रोड पर स्थित है|

हिमालय की रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा और हरे-भरे जंगलों से भरा नारकंडा धरती पर प्रकृति की अनुपम भेंट है | सर्दियों के दिनों में बर्फ से ढक जाने के बाद नारकंडा पर्यटकों को अपनी तरफ मोहने लगता है |  

क्या विशेष है नारकंडा में ?

छोटे से नारकंडा में ऐसा बहुत कुछ है जिसे देख सुन और महसूस कर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा | आइये देखते हैं नारकंडा में क्या है विशेष ……

ट्रैकिंग- अगर आप ट्रैकिंग के शौक़ीन हैं तो नारकंडा आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है| यहां का ट्रैकिंग मार्ग चीड़, ओक, रोडोडेन्ड्रान, देवदार, सील, देवदार, और समृद्ध पेड़ के जंगलों से घिरा हुआ हैं | जो आपके ट्रेकिंग को यादगार बना देगा|

स्कीइंग- नारकंडा स्कीइंग के लिए भी काफी मुफीद स्थल है| अगर आप बर्फबारी का मजा लेना चाहते हैं, तो सर्दियों के दौरान नारकंडा की सैर करें | आप बर्फ में खेले जाने वाले अनेकों खेलों का आनंद ले सकते हैं। स्कीइंग के लिए सर्वश्रेष्ठ समय दिसम्बर से मार्च तक रहता है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम हर वर्ष विभिन्न स्कीइंग कोर्स का आयोजन जनवरी से मार्च के महीनों में करता है।

ट्रेकिंग और स्कीइंग के अलावा और भी बहुत कुछ है नारकंडा में आपके लिए:-

हाटु मंदिर– नारकंडा में पहाड़ी की चोटी हाटु माता मंदिर स्थित है। स्थानीय लोगों  के अनुसार यह मंदिर विशेष है तथा आसपास के लोगों में इसकी विशेष आस्था है| यह पवित्र स्थान पर्यटकों की मान्यता पूरी करने के लिए प्रसिद्ध है| आप नारकंडा जा रहे हैं तो हाटु मंदिर जरुर जाएं |

हाटु चोटी–  नारकंडा से 8 किमी दूर स्थित हाटु चोटी  नारकंडा शहर का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। समुद्र ताल से 3300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हाटु चोटी शहर की सबसे ऊँची चोटी है |  इस चोटी से पूरे क्षेत्र और नारकंडा का अद्भुत दृश्य नज़र आता है | इस चोटी से बर्फीले पहाड़, पाइन के घने जंगल, सेब के बगीचे, लहलहाते धान के खेत एक साथ दिखाई देते हैं|

महामाया मंदिर यह मंदिर मां काली को समर्पित है| समुद्र स्तर से 1810 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह किलानुमा मंदिर सुन्दरनगर के राजा द्वारा बनाई गई है| इस मंदिर के निर्माण में चांदी, लकड़ी और एल्यूमीनियम शीट की सामग्री का प्रयोग किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर ध्यान लिए आदर्श स्थल है।
ठानेधार– ठानेधार भी नारकंडा के पास स्थित एक खुबसूरत जगह है| ठानेधार, नारकंडा से 17 किमी. की दूरी पर समुद्र तल से 1830 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सतलुज नदी के बायें किनारे पर स्थित है। यह एक अमेरिकी नागरिक सैमुअल स्टोक्स उर्फ़ सत्यानन्द स्टोक्स द्वारा बसाई गई है| उन्होंने हिन्दू धर्म अपनाने के बाद यहाँ एक खूबसूरत मंदिर का निर्माण करवाया| यह जगह सेब के बगीचों के लिए भी प्रसिद्ध है| आप सेब बागान के मालिकों की आज्ञा से सेब तोड़ सकते हैं|

जाने का उत्तम समय– बर्फ़बारी का आनन्द लेने के लिए अगर आप नारकंडा का रुख करना चाहते हैं तो दिसम्बर से फरवरी का महिना बेहतरीन समय है|

ठहरने की जगह– नारकंडा में होटल्स की अच्छी व्यवस्था है | आप अपने बजट के हिसाब से होटल सर्च कर सकते हैं|

कैसे पहुंचे नारकंडा– नारकंडा पहुँचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन शिमला है| शिमला से नारकंडा जाने के लिए बसें मिलती हैं| शिमला से नारकंडा की दूरी लगभग 2 घंटे है| बस में बैठकर प्राकृतिक छटा  का आनंद लेते हुए आप आराम से शिमला से नारकंडा पहुँच सकते हैं|   

 

(पंकज कुमार, मीडिया दरबार)

 

 

 

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