पर्यटन

अगर उठाना चाहते है बर्फ का लुत्फ़, तो दिल्ली के नज़दीक इस जगह का करें रूख

बर्फों से ढके पहाड़ का दीदार करना हो | आसमान छूती पर्वतों को निहारना हो | घूमती सड़कों से निकलते हुए प्रकृति को करीब से महसूस करना हो तो इसके लिए सबसे प्यारी जगह है मनाली | हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित मनाली अपनी अप्रतिम प्राकृतिक सुन्दरता के लिए विश्वविख्यात है | हिमालय की पर्वतमालाओं से घिरी मनाली एक ऐसी जगह है जहाँ सब जाना कहते हैं, जितने भी पर्यटन स्थल हैं उनमे मनाली का एक अलग ही आकर्षण है | ब्यास नदी के किनारे स्थित मनाली समुद्र तट से 2050 मीटर की उंचाई पर स्थित है | मनाली कपल्स और नए शादी शुदा जोड़ों के बीच हनीमून डेस्टिनेशन के रूप में भी काफी लोकप्रिय है | 

मनाली अपने आप में ऐसा बहुत कुछ समेटे हुए है, जिसका अनुभव आपके जीवन में नया रोमांच पैदा कर सकता है | इसलिए मनाली जाने से पहले मनाली के बारे में आपके पास पूरी जानकारी होनी चाहिए, जिससे आप प्रकृति के दिए इस अद्भुत उपहार का आनंद ले सकें | हम आपको बताते हैं की अगर आप मनाली जाना चाहते हैं तो वहां क्या क्या विशेष है जो आपका इंतज़ार कर रहा है …………

सोलंग वैली-  सोलांग घाटी मनाली के मुख्य शहर के चौदह किमी दूर उत्तर पश्चिम में स्थित है और प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है | सोलंग घाटी को देखने हर साल भारी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। एडवेंचर में रूचि रखने वालों के लिए सोलंग घाटी बेहतरीन जगह है | ठंड के दिनों में घाटी बर्फ से ढक जाती है | जिसे देखने के लिए पर्यटक भारी संख्या में दुनियाभर से आते हैं | घाटी की ढलान और मनमोहक दृश्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होते हैं |

यहां पैराग्लाइडिंग, पैराशूटिंग, घुड़सवारी से लेकर मिनी ओपन जीपों की सवारी विशेष रूप से सभी आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। सर्दियों के दौरान जब घाटी बर्फ से ढकी होती है इस दौरान स्कीइंग यहां एक लोकप्रिय खेल है। मई में जब बर्फ पिघलती है तो इस दौरान स्कीइंग जोरबिंग, पैराग्लाइडिंग और पैराशूटिंग में बदल जाती है।

रोहतांग पास–  प्रकृति की गोद में बसा रोहतांग एक अदभुत रमणीक स्थल हैं । यहाँ का मौसम कभी भी बदल जाता है | सर्दी के दिनों में बर्फ से ढ़क जाने के कारण यह स्थान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन जाता है |

हडिम्बा मंदिर-मनाली के मुख्य बाजार से डेढ़ किलो मीटर की दूरी स्थित हिडिम्बा मंदिर  भी यहाँ पर्यटकों को खूब लुभाता है। महाभारत के सन्दर्भ के अनुसार, हिडिम्बा पांडवो के भाई भीम की पत्नी थी, हिडिम्बा देवी इस पूरे इलाके की अराध्य देवी है।

इस मंदिर में कई फिल्मों की शुटिंग भी हो चुकी है। देवदार के वृक्षों से घिरा हुआ हिडिम्बा देवी का यह मंदिर अत्यंत सुन्दर है। यहां पर आप याक पर बैठ कर कुल्लू के परिधान पहन कर यहाँ की संस्कृति को महसूस कर इन पलों को अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं। इसके अलावा घटोत्कच्छ का मंदिर, सियाली महादेव का मंदिर, श्री महामाया दुर्गा मन्दिर, यहाँ सभी मन्दिर इसी हिडिम्बा रोड पर स्थित है।

वशिष्ठ कुण्ड-मनाली से 3 किलोमीटर दूर वशिष्ठ स्थित है। प्राचीन पत्थरों से बने मंदिरों का यह जोड़ा एक दूसरे के विपरीत दिशा में है। एक मंदिर भगवान राम को और दूसरा संत वशिष्ठ को समर्पित है।

मणिकरण-समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मणिकरण गर्म पानी का झरना है। कहा जाता है शिव की पत्नी पार्वती के कर्णफूल यहां खो गए थे। उसके बाद से इस झरने का जल गर्म हो गया। हजारों लोग यहां के जल में पवित्र डुबकी लगाने दूर-दूर से आते हैं। यहां का पानी इतना गर्म है कि इसमें चावल, दाल और सब्जियों को उबाला जा सकता है।

बौद्ध मठ-मनाली के बौद्ध मठ बहुत लोकप्रिय हैं। कुल्लू घाटी के सर्वाधिक बौद्ध शरणार्थी यहां बसे हुए हैं। यहां का गोधन थेकचोकलिंग मठ काफी प्रसिद्ध है। 1969 में इस मठ को तिब्बती शरणार्थियों ने बनवाया था

ओल्ड मनाली-मनाली से 3 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में ओल्ड मनाली है जो बगीचों और प्राचीन गेस्टहाउसों के लिए काफी प्रसिद्ध है। मनालीगढ़ नामक क्षतिग्रस्त किला भी यहां देखा जा सकता है।

मनु मंदिर-ओल्ड मनाली में स्थित मनु मंदिर महर्षि मनु को समर्पित है। यहां आकर उन्होंने ध्यान लगाया था। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग दुरूह और रपटीला है।

कैसे पहुंचे

सड़क मार्ग
मनाली सड़कमार्ग के जरिए देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। आप अपनी गाड़ी से भी खुद ड्राइव करते हुए मनाली पहुंच सकते हैं लेकिन पहाड़ी इलाका होने के कारण अगर आप गाड़ी चलाने में दिक्कत महसूस करते हैं तो कैब या ड्राइवर करके जाने की सलाह दी जाती है क्योंकि खूबसूरत होने के कारण इलाका पहाड़ी और दुर्गम भी है। मनाली के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ के अलावा देश के दूसरे प्रमुख शहरों से बस सेवा उपलब्ध है। 

वायु मार्ग

मनाली में कोई एयरपोर्ट नहीं है शहर के सबसे नजदीक भुंतर एयरपोर्ट है जो मनाली से करीब 50 किलोमीटर दूर है। इस एयरपोर्ट पर केवल घरेलू उडाने ही संचालित होती है | दिल्ली और चंडीगढ़ से यहां नियमित तौर पर फ्लाइट उपलब्ध रहती है। अगर आपको भुंतर एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट नहीं मिलती तो आप चंडीगढ़ एयरपोर्ट को भी चुन सकते हैं। यहां देश के हर बड़े शहर से उड़ान उपलब्ध है।

कहाँ ठहरे 

मनाली और उसके आस पास के दर्शनीय स्थानों पर तारने के लिए कई छोटे होटल और रिजॉर्ट्स उपलब्ध हैं | आप अपने बजट के अनुसार मनाली में होटल चुन सकते हैं | सर्दी के दिनों में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है | लेकिन होटल के कर्मचारी आपको पूरा सहयोग देते मिलेंगे | 

तो इस बार की सर्दियों में अगर आप मनाली जाने की योजना बना रहे हैं तो बेझिझक जाएं | और प्रकृति द्वारा बसाए गए इस अनुपम स्थान का जमकर लुत्फ़ उठाएं |

 

(पंकज कुमार, मीडिया दरबार )

 

 

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