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भारत और फ़्रांस की संस्कृति का अनोखा संगम है………

अकसर लोग जब घूमने का प्लान बनाते है तो भारत से बाहर जाने का ख्याल सबसे पहले आता है लेकिन क्या आपको मालूम है कि हमारे देश में भी आप लोग विदेश का मजा उठा सकते है और आप सोच भी नहीं पाएंगे कि यह जगह भारत में है जी हां हम बात कर रहे है, तमिलनाडू के दक्षिण में 160 किलोमीटर दूर पुदूचेरी कि जिसे भारत का फ्रांस कहा जाता है| यहां प्रकृति का अनोखा स्वरूप देखने को मिलता है। इसे छोटा फ्रांस इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां आपको लोग फ्रेंच में बात करते नज़र आ जाएंगे, इतना ही नहीं सड़क पर लगे साइन बोर्ड में भी आपको तमिल, अंग्रेजी के साथ-साथ फ्रेंच भाषा भी लिखी दिखाई दे जाएगी।

पुडुचेरी की खासियत यह है कि छोटा होने के कारण आप इसकी हर जगह कम से कम एक दिन में ही घूम सकते है, और अगर आप अपने आप को तलाशना चाहते है तो समुंद्र किनारे बैठ कर योगा, मेडिटेशन कर अपने जीवन का मतलब तलाश सकते हैं।

पुडुचेरी भारत के केंद्र शासित प्रदेशो में से एक है, जो बहुत खुबसुरत है| पत्थर की गलियां, नीला पानी, बहुतायत में मिलने वाली प्राकृतिक सुंदरता, अध्यात्मिक आकर्षण हिलोरे मारता बंगाल की खाड़ी का पानी, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आपको प्रकृति से प्यार करने को मजबूर कर देगा और यही पुडुचेरी को ख़ास पर्यटन स्थल बनाता है|

कैसे पहुंचे पुडुचेरी ?

पुडुचेरी को पॉन्डिचेरी के नाम से भी जाना जाता है| भारत के दक्षिण-पूर्वी तटीय इलाके में स्थित यह एक कोरोमंडल तट है। एक समय में यह फ्रेंच साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था| इसका अपना एक समृद्ध इतिहास है। लेकिन आज के दौर का पुडुच्चेरी ऑरोविले आश्रम की वजह से जाना जाता है जिसकी स्थापना ऋषि अरविंदो द्वारा की गई थी।

पुडुचेरी आप हवाई, रेल तथा सड़क मार्ग से पहुंच सकते है| पुडुचेरी का अपना एयरपोर्ट है जो लॉसपेट में स्थित है। पर्यटको को देखते हुए 17 जनवरी 2013 को यहां नए टर्मिनल की शुरुआत की गई।

ठहरने की व्यवस्था

पुडुच्चेरी में होटलों की कोई भी कमी नहीं है। आपके बजट के अनुसार आपको सभी सुविधा के साथ  डीलक्स होटल्स, मध्यम-श्रेणी होटल्स, बजट होटल्स आदि सभी प्रकार के उपलब्ध है। इसी के साथ ही आप ऑरबिंदो आश्रम में भी ठहर सकते हैं। यहां भी आपको सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। और वो भी कम पैसों में। लेकिन यहां ठहरने के लिए आपको पहले से रूम एडवांस बुकिंग करवानी पडेगी।

पुडुचेरी में घूमने और देखने लायक जगह

  • 19वीं सदी का लाइट हाउस

गोरिमेडू के रेड हिल्स पर बना यह लाइट हाउस सबसे लोकप्रिय लैंडमार्क है और आज भी अपनी सुंदरता के साथ खड़ा है जब इसका निर्माण किया गया था तब यह काफी यूनीक था आज भी लाइट हाऊस सैलानियों के लिए आर्कषण का केंद्र है|

  • समुद्री किनारे

पुडुचेरी की खुबसुरती ही समुद्र तट से है। पुडुचेरी में मुख्य चार ‘बीच’ है – प्रोमिनेंट बीच, पेराडाइस बीच, अरोविले बीच, सैरीनीटी बीच जिनकी अपनी सुंदरता के किस्से है। यहां के बीच भारत बाकी बीचों के  मुकाबले कम भीड़ मिलती है और बाकी बीचो से यहा से बीच ज्यादा साफ और सुथरे होते है।

  • ऐरूवेली

श्री अरबिंदो के लिए स्पिरिचुअल कौलॉर्बेट का निर्माण किया गया था। उनका एकमात्र इच्छा थी कि लोग यहां आए और आ कर शांति पा सकें। यहां पर कई प्रकार की वर्कशाप हैं, इसी के साथ ही अलग-अलग तरह की थैरपी भी यहां दी जाती है।

  • गवर्नमेंट पार्क

पुडुचेरी का सबसे प्रसिद्ध पार्क गवर्नमेंट पार्क शहर के मशहूर पर्यटन केंद्रों में शूमार है। खूबसूरत बगीचे के दिल में आयी मंडपम स्थित है। यह शहर के आकर्षक और आकर्षण स्मारकों में आता है।

  • अरबिदों आश्रम

अरविदों आश्रम की स्थापना दौड़ भाग से भरी जिंदगी के तनाव को दूर करने और अध्यात्म शक्ति को बढ़ाने तथा उसकी तलाश में आते है|

  • सूर्योदय

अगर आप पुडुच्चेरी में है तो सूर्योदय के पल को कभी मिस ना करें। भूरी सी मिट्टी के खत्म होते ही जो नीली ज़मीन शुरू होती है, वह असल में समुद्र है, जिसमें से उदय होता हुआ लाल रंग का सूर्य का नजारा मन को एक अलग ही सुकून देता है।

  • क्विज़ीन (पुडुच्चेरी का खान-पान)

पांडिक्विज़ीन संस्कृति व रिवाजों के स्वाद से निर्मित है। क्योंकि समुद्र के किनारे शहर के बसे होने के कारण यहां सीफूड की भरमार है। दक्षिण भारतीय भोजन जैसे इडली – डोसे का स्वाद आपको लंबे समय तक याद रहेगा।

  • फ्रेंच फोर्ट लुइस

फ्रेंच फोर्ट लुइस इतिहास में रुचि रखने वालों को अपनी और आकर्षित करता है और यह पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है। पुडुचेरी का यह फ्रेंच फोर्ट लुइस फ्रेंच शासन में दफ्तरों में से एक था।

  • झील और बगीचों से घिरा पुडुचेरी

पुडुचेरी में पिकनिक स्पॉट्स की भरमार है। इसी के साथ ही झीलें व बगीचे भी यहां के प्रमुख आकर्षण का केंद्र हैं। पुडुचेरी कुछ प्रमुख झीलों और बगीचें कि जब बात होती है तो बॉटेनीकल गार्डन, गवर्नमेंट पार्क या भारती पार्क, चूनांबर बैकवाटर, कीजूर का जिक्र जरूर आता है।

  • फ्रेंच युद्ध स्मारक

पुडुचेरी में फ्रांस से जुड़ी आपको बहुत सी चीज़ें मिल जाएंगी क्योंकि पुडुचेरी का फ्रांस से गहरा रिश्ता रहा है इस बात की जानकारी आपको पुडुचेरी में फ्रेंच युद्ध स्मारक सहित बहुत से अन्य फ्रेंच स्मारक भी स्थित है।

  • अरीका मेडू

अरीका मेडू में स्थत बंजर दीवारें यह साबित करती है कि रोम और तमिलनाडू के बीच की कड़ी किसी समय पुडुचेरी हुआ करता था। ऐसा कहा जाता है कि अरीका मेडू में स्थित खंडहर करीब दो सौ साल पुराने हैं, जिसके साक्ष्य आज भी मौजूद है

  • स्कूबा डाइविंग

जीवन में एडवेंचर हर कोई करना चाहता है जिसमें से एक स्कूबा डाइविंग भी है जिसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है देश के केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आप स्कूबा डाइविंग का लुफ्त उठा सकते है। और इसके लिए विदेश जाने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। तो एक गहरी सांस लिजिए और उतर जाइए समुद्रों की गहराईयों में। अगर आप स्कूबा डाइविंग करना चाहते है तो फरवरी से अप्रैल और सितंबर से नवंबर का महीना आपके लिए सबसे बेहतर है।

  • गांधी जी का स्टैचू

गांधी जी को कैसे भूल सकते है| पुडुचेरी भारत में है और फ्रांस की याद दिलाता है लेकिन गांधी जी की प्रतिमा हमें भारत में होने का एहसास दिलाती है| प्रोमेनेंट बीच के पास आठ स्तभों के बीच हाथ में लाठी लिए गांधी जी खड़ा पुतला आजाद भारत को दर्शता है।

  • चर्च (गिरजाघर)

पुडुचेरी में 32 चर्च स्थित है। जिनमें लेडी ऐंज्लस चर्च, स्केड हॉट चर्च, डूप्लेक्स चर्च, बेस्लिका ऑफ़ स्केर्ड हॉट ऑफ़ जिजस जैसे प्रसिद्ध चर्चेज़ को बड़े व पुराने चर्चेज़ में गिना जाता है। यहा पहुंचकर आपो शांति का अभाव होगा, चर्चेज़ की सुदंरता आपका मन मोह लेगी।

 यह हमने आपको कुछ घूमने की महत्वपूर्ण जगह बताई है। लेकिन इसके अलावा भी ऐसी बहुत सी जगह पुदुचेरी में जो घूम सकते है

पर्यटकों से जब भी पुछा जाता है तो उनकी पहली पसंद पॉन्डिचेरी ही होती है इसकी छवी हमेशा से देश के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग रही है। लगभग तीन सौ साल तक फ्रेंच शासन में रहे पॉन्डिचेरी में आज भी फ्रांस की झलक देखने को मिलती है। पुदुचेरी में फ्रांस और भारत की संस्कृतियों का एक अनोखा और अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। जो यात्रियों को अपनी और आकर्षित करता है|

निशा लकवाल,  (मीडिया दरबार)

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