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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्वकप फाइनल मुकाबले में हार का कारण

नई दिल्ली|| आठ मार्च (रविवार) को भारतीय महिला क्रिकेट टीम जब ऑस्ट्रेलिया के साथ टी-20 विश्वकप का फाइनल खेलने मेलबोर्न क्रिकेट स्टेडियम पर उतरी तो स्टेडियम में उपस्थित लगभग 75,000 दर्शकों के अलावा दुनियाभर में फैले करोड़ो क्रिकेट प्रेमियों को यह उम्मीद थी कि भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार विश्व विजेता बनेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ| 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल मुकाबले में बिल्कुल ही धराशाई हो गयी| टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने अपने ओपनर बल्लेबाजों की बेहतरीन और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 184 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया| ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पारी की शुरुआत करने उतरी दोनों बल्लेबाजों हीली और मूनी ने क्रमश 75 और 78 रन की धमाकेदार पारियां खेलीं| हीली कुछ ज्यादा ही आक्रामक रही उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में सात चौकों और पांच छक्कों की सहायता से 75 रनों की पारी खेली जबकि मूनी ने 54 गेंदों पर नाबाद 78 रन बनाएं| मूनी ने अपनी पारी में 10 चौके लगाए| 

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिले 185 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय क्रिकेट टीम ने बल्लेबाजी में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया| भारत का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह नाकाम रहा| सिर्फ चार बल्लेबाज ही दो अंकों में पहुँच सके| भारत की तरफ से सर्वाधिक 33 रन दीप्ती शर्मा ने बनाए| भारतीय महिला क्रिकेट टीम 19.1 ओवरों में सिर्फ 99 रनों पर सिमट गई और 85 रन के बड़े अंतर से विश्वकप का फाइनल मुकाबला हार गई| ऑस्ट्रेलिया की तरफ से गेंदबाज मेगान शूट ने 18 रन देकर 4 खिलाड़ियों को आउट किया और टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनी|

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के टी-20 फाइनल मुकाबले ऑस्ट्रेलिया से हार के अहम कारण-

  • भारतीय टीम की हार का सबसे पहला और महत्वपूर्ण कारण टॉस हारना रहा| विश्वकप फाइनल मुकाबलों में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता|
  • भारतीय किकेट टीम भले ही फाइनल में पहुँच गयी थी लेकिन टीम ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले कम अनुभवी थी तथा विकल्पों की भी कमी थी|
  • भारतीय क्रिकेट टीम की गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण पक्ष बहुत ही कमजोर रहा| क्षेत्ररक्षण में जहाँ भारतीय टीम ने न सिर्फ मैच के शुरुआती क्षणों में दोनों ऑस्ट्रलियाई ओपनरों के कैच छोड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी बेहद कमजोर रही| वहीँ गेंदबाजी में भी भारतीय टीम ऑस्ट्रलियाई बल्लेबाजों के सामने असहाय नज़र आई| फाइनल तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली पूनम यादव को सिर्फ एक विकेट मिला| वहीँ अन्य गेंदबाज भी दिशाहीन रहे और खूब रन दिए|
  • कप्तान हरमन कौर का फिल्ड प्लेसमेंट भी कमजोर नज़र आया|
  • 185 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोई भी ख्याति प्राप्त बल्लेबाज रूककर नहीं खेल सका| टूर्नामेंट में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाली शेफाली वर्मा-2, स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना-11, जेमिमा रोड्रिग्स-0 तथा सर्वाधिक अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर सिर्फ 4 रन ही बना सकीं| इन बल्लेबाजों का फ्लॉप होना भारत की हार का अहम कारण रहा|

पंकज कुमार, मीडिया दरबार

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