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अगर आईपीएल टला तो होगा अरबों का नुकसान

महामारी का विकराल रुप धारण कर चुका कोरोना वायरस ने पूरे विश्व की खेल प्रतियोगिताओं को रद्द कर दिया गया है। भारत में मशहूर क्रिकेट लीग इंडियन प्रीमीयर लीग (आईपीएल) 2020 को भी टाल दिया गया है। कोरोना ने आईपीएल को तो टाल दिया, लेकिन इसके साथ अगर इस साल इसका आयोजन नहीं हुआ तो इसकी ब्रांड वेल्यू में 1 अरब डॉलर (75 अरब रुपए) का भारी नुकसान हो सकता है। इससे आईपीएल और इसे चाहने वाले प्रशंसकों को एक बड़ा झटका लगेगा।

दुनिया की जानी-मानी वैश्विक परामर्श कंपनी डफ एंड फेल्प्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि पिछले साल का आईपीएल 2019 की ब्रांड वेल्यू 6.8 अरब डॉलर (पांच खरब रुपए) थी। इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस बार का आईपीएल खाली स्टेडियमों या फिर छोटे प्रारुप का आयोजन करता है तो इसकी ब्रांड वेल्यू में 200 से 350 मिलियन डॉलर (लगभग 15 से 26 अरब रुपए) की गिरावट आएगी। यदि IPL 2020 को रद्द किया गया तो उसकी ब्रांड वेल्यू में 700 से 1000 मिलियन डॉलर (लगभग 52 से 75 अरब रुपए) की गिरावट आएगी।

बता दें कि परामर्श एजेंसी ने दो स्थितियों को रखकर यह आकलन किया है। पहली स्थिति में मैच के दौरान स्टेडियम में आधी सीटों के भरने और दूसरी स्थिति में स्टेडियम के पूरी तरह से खाली रहने पर या टिकटों की कोई बिक्री नहीं होने से जुड़ी है।

वहीं, बीसीसीआई ने अभी तक इस साल होने वाले आईपीएल 2020 के आयोजन पर किसी तरह का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

क्रिकेट लीग आईपीएल को अगर रद्द किया जाता है तो इसका भारी भरकम नुकसान उठाना वाला भारत दुनिया का इकलौता देश नहीं होगा। इससे पहले कई देश विश्व की बड़ी-बड़ी मशहूर खेल प्रतियोगिताएं इस कारण रद्द किए जा चुके हैं।

इस साल आईपीएल 2020 की शुरुआत 29 मार्च से मुंबई में होनी तय थी और इसका अंतिम मुकाबला 24 मई को खेला जाना था। फिलहाल यह 15 अप्रैल 2020 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

देश में कोरोना के कारण बीसीसीआई अपनी पैनी नजर हालातों पर बनाए हुए है और साथ ही वह इसकी स्थिति की हर समय रिपोर्ट तलब कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, ऐसी भी खबरें हैं कि आईपीएल को रद्द करके होने वाले भारी नुकसान के बजाए  बीसीसीआई इसे आगे बढ़ाकर जुलाई से सितंबर के बीच आयोजित कर सकता है।

जानकारी के मुताबिक, पूरे विश्व में खेलों पर इस तरह प्रतिबंध इससे पहले दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लगा था, स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उस समय ओलिंपिक खेलों को भी रद्द कर दिया गया था।

अमित कुमार, मीडिया दरबार

 

 

 

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