राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री का देश के नाम सम्बोधन……….

देश कोरोना काल के संकट दौरान,जिसमे प्रधानमंत्री ने समय समय पर राष्ट्र के नाम सम्बोधन के तहत लोगो को कोरोना के संकट से अवगत कराया आज प्रधानमंत्री का देश को छठी बार सम्बोधित किया इस से पहले उन्होंने -19 मार्च- जनता कर्फ्यू का ऐलान किया ,24 मार्च- 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान, 03 अप्रैल- दीप जलाने की अपील, 14 अप्रैल- लॉकडाउन-2 की घोषणा, 12 मई – लॉकडाउन 4 का ऐलान  राष्ट्र के नाम सम्बोधन के तहत किया।  प्रधानमंत्री ने कहा  की , कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते लड़ते हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा हम मानसून के मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जिसमें सर्दी, जुकाम बढ़ जाते हैं, इसलिए आप सबसे अपील है कि खुद का ख्याल रखें. कोरोना से होने वाली मौत की दर देखें तो दुनियाभर के देशों की तुलना में भारत बेहतर स्थिति में है.यह समय पर लिए गए लॉकडाउन के फैसले के कारण हुआ है.प्रधानमंत्री  कहा कि पहले हम हाथ धोने और सामाजिक दूरी को बनाए रखने, मास्क पहनने को लेकर काफी सतर्क थे लेकिन अब इसमें लापरवाही देखी जा रही है. हमें सतर्कता बरतनी होगी. पीएम मोदी ने कहा कि एक देश के प्रधानमंत्री पर 13000 हजार रुपये का जुर्माना इसलिए लग गया क्योंकि उन्होंने मास्क नहीं पहना था. भारत में गांव का प्रधान हो या फिर देश का प्रधान मंत्री कोई भी नियमों से ऊपर नहीं.

आईये जानते है सम्बोधन की बड़ी बाते-

पीएम मोदी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा, मॉनसून के दौरान भारत में सबसे ज्यादा खेती का काम होता है. ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का विस्तार होगा और इसके तहत नवंबर तक 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मैं इसी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा करने जा रहा हूं. हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है. अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है. त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए. उन्होंने आगे कहा, ’80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली ये योजना अब जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में भी लागू रहेगी. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे. अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए हो जाता है

पूरे भारत के लिए एक राशन कार्ड

पीएम मोदी ने कहा कि पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है. यानि एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड. इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गांव छोड़कर के कहीं और जाते हैं.उन्होंने कहा, ‘आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय प्रमुख रूप से दो वर्गों को जाता है. पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता को और दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर को. पीएम ने कहा, ‘आने वाले समय में हम अपने प्रयासों को और तेज करेंगे. हम गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित हर किसी को सशक्त करने के लिए निरंतर काम करेंगे और आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे.

इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट कर पीएम मोदी के संबोधन की जानकारी दी थी. इसके अलावा केंद्रीय गृह अमित शाह ने भी ट्वीट देशवासियों के प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने की अपील की.

राकेश मोहन सिंह – मीडिया दरबार

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