सरकारी परियोजना

जानिये क्या हैं, सरकार द्वारा बनाये गए 4 नए श्रम कानून ?

जयन्ती झा

मीडिया दरबार

केंद्र सरकार द्वारा देश के श्रमिकों के हित में 44 श्रम कानूनों को 4 नए श्रम कानूनों में परिवर्तित कर दिया है जिससे देश के 50 करोड़ श्रमिकों को फायदा देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है.

इसलेख में आप जानेंगे सरकार द्वारा देश के 50 करोड़ श्रमिकों के हित में बनाये गए श्रम कोड के बारे में. सरकार ने पिछले 44 श्रम कानूनों को 4 श्रम कोड में बदल दिया है, ये कौन कौन से श्रम  कोड है और इनमें कौन से प्रावधान शामिल किये गए हैं.

सरकार द्वारा लाये गए श्रम कोड में,

  1. वेतन सुरक्षा यानी WAGE CODE
  2. व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कोड यानी OSHCODE
  3. औद्योगिक सम्बन्ध कोड यानी INDUSTRIAL RELATION CODE और
  4. सामजिकसुरक्षाकोडयानी CODE ON SOCIAL SECURITY

 

शुरुआत करते हैं WAGE CODE के प्रावधानों से.

  1. इसश्रम कोड के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर परन्यूनतम वेतन तय किया जाएगा.
  2. श्रमिकों को WAGE CODE के अंतर्गत राष्ट्रीय फ्लोर लेवल वेतन मिलेगा.
  3. भारतसरकार ने इसके तहत एक परिषद् बनायीं है जो हर साल न्यूनतम सैलेरी का आकलन करेगी.
  4. श्रमिक का वेतन भौगोलिकस्थिति और स्किल के आधार पर तय किया जाएगा.
  5. ऐसा हो सकता है की सरकार इस श्रम कोड के अंतर्गत 15 हज़ार रुपये न्यूनतम वेतन को फिक्स कर देगी.
  6. हर कम्पनी को यह निर्देश दिया गया है की हर श्रमिक को वेतन समय पर मिलना चाहिए. यानी महीने की 7-10 तारिख को हर हाल में श्रमिक को वेतन मिल जाना चाहिए.
  7. पुरुष और महिला श्रमिक दोनों में वेतन के मामले में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा दोनों को सामान वेतन दिया जाएगा

अब आपको बताते हैं OSH कोड के प्रावधान.

  1. काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाएगा.
  2. कर्मचारियोंके स्वास्थय का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
  3. कम्पनियांश्रमिकों को अनिवार्य रूप से कैंटीन और क्रेच की सुविधा मुहैया करवाएगी.
  4. एक और बात यह तय की गयी है की एक कैंटीन में 5 या उस से ज्यादा संस्थाएं मिलकर कैंटीन चला सकती है.
  5. हर मजदूर को नियुक्ति पत्र या अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य किया गया है.
  6. अगर किसी कर्मचारी या श्रमिक की काम के दौरान मौत हो जाती है तो मुआवज़े के अतिरिक्त जुर्मानेकी50प्रतिशततककीराशीभीउपलब्धकरवानीपड़ेगी.
  7. प्रवासी मजदूर के लिए बड़ा अवसर यह उपलब्ध करवाया गया है की हर साल घर जाने के लिए प्रवासी मजदूर को प्रवासी भत्ता कंपनी देगी.
  8. अगर आप प्रवासी मजदूर हैं तो जहाँ आप काम करेंगे वहीँ आपको राशन भी दिया जाएगा.
  9. 240 दिनों की जगह कर्मचारी को 180 दिन काम करने की सुविधा उपलब्ध करवाई गयी है.
  10. महिलाओं को इस कोड के अंतर्गत सभी क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दी गयी है.
  11. OSH CODE में यह सबसे बड़ा प्रावधान है की मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया औरडिजिटल मीडिया में काम करने वाले पत्रकारों को वर्किंग जर्नलिस्ट की श्रेणी में रखा गया है.
  12. अगर किसी कर्मचारी ने किसी कम्पनी में 45 दिन तक काम किया है तो उसे फ्री हेल्थ चेक उप कम्पनी मुहैया करवाएगी.

अब जान लीजिये की इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड के तहत किन प्रावधानों को शामिल किया गया है.

  1. इसकोड के अंतर्गत शिकायत निवारण कमिटी बनायीं गयी है जिसकी टीम में सदस्यों की संख्या को 6 से बढ़ाकर 10 कर दिया गया है.
  2. इस कोड के तहत 18,000 रुपये वेतन कमाने वाले व्यक्ति को वर्कर की श्रेणी में रखा गया है.
  3. शिकायत दर्ज करवाने की समय सीमा को 3 साल से घटाकर 2 साल कर दिया गया है.
  4. अगर किसी कंपनी ने किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाला है तो कम्पनी को 45 दिन के अन्दर उसके 15 दिन का वेतन उसे हर हाल में देना होगा.
  5. अगर ट्रेड यूनियन हड़ताल करना चाहती है तो 14 दिन पहले नोटिस जारी करना होगा.

अबआपको बता देते हैं की सोशल सिक्यूरिटी कोड के तहत किन प्रावधानों को शामिल किया गया है.

  1. देशके566 जिलों में ESIS की जो सुविधा उपलब्ध करवाई जाती थी उसे बढ़ाकर 740 जिलों तक कर दिया गया है.
  2. पहलीबारऐसाहोगाजबदेशके40करोड़मजदूरोंकोESISकालाभमिलेगा.
  3. बागान श्रमिकों को भी इस दायरे में शामिल किया गया है.
  4. 20 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में EPFO सिस्टम लागू होगा.
  5. जोश्रमिक कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम करते हैं उन्हें भी ग्रेच्युटी दी जाएगी.
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