अंतर्राष्ट्रीय

कोरोना से जुड़ा कौन सा सीक्रेट चीन चाहता हैं छुपाना महिला को सुनाई 4 साल की सज़ा !

रिपोर्ट – रुचि पाण्डें, मीडिया दरबार

कोरोना से जुड़ा कौन सा सीक्रेट चीन चाहता हैं छुपाना sub महिला को सुनाई 4 साल की सज़ा !

चीन ने क्यों चलाया एक महीला पत्रकार पर मुकदमा?

कोरोना वायरस से जुड़ा आखिर कौन सा सच वो जानती थी?

मुकदमा चला कर क्या छुपाना चाहता हैं चीन?

दुनिया में फैले कोरोना वायरस के कारण पहले से ही चीन को कई बार घेरे में लिया जाता रहा हैं। चीन के वुहान शहर को कई बार कोरोना वायरस को फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया हैं अब इस बीच चीन की एक पत्रकार पर अदालती कार्यवाही की जा रही हैं ,कारण बस ये हैं की इस पत्रकार ने चीन द्वारा की गई लापरवाहियों को उजागर कर दिया था।

पत्रकार जिसका सही मायने में काम केवल सरकार तक जनता की आवाज़ ना बनना बल्कि उन लोगों की आवाज़ बनना जिनकी सरकार हमेशा अनदेखी ही करती हैं पत्रकार का धर्म ही होता हैं की समाज के एक ऐसे तबके के साथ खड़े रहना जिनकी दिक्कत परेशानी सरकार के कानों तक जाए। सोचिए लेकिन क्या हो अगर सरकार और जनता के बीच बनी इस डोर को ही तोड़ दिया जाए। जी हां ऐसा ही कुछ हुआ हैं चीन में जहां एक पत्रकार पर केवल इसलिए मुकदमा चलाया जा रहा हैं क्योंकि उसने सरकार की काली और झूठी सच्चाई को जनता के सामने उजागर कर दिया हैं।

दरअसल चीन में जब कोरोना वायरस का कहर वुहान में अपने पैर पसार चुका था तब शी जिनपिंग के झूठ का पर्दा फाश करने के लिए एक 37 साल की महीला जिसका नाम झांग ज़्यान जो पेशे से एक वकील थी, जिसने वुहान में फैले वायरस की सच्चाई और सरकार द्वारा बरती जा रही सावधानियों औऱ मुफ्त सुविधाओं की ज़मीनी हकीकत को दिखाने के लिए ठान ली। चीन की अधिकारिक मीडिया बार बार यह दावे कर रही थी की शी जिन पिंग के द्वारा लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सहायता दी जा रही है, केवल चंद दिनों में ही अस्पताल खड़ा कर दिया जा रहा था, लेकिन झांग जब वुहान पहुंची तब उन्होंने पाया की सरकार के तरफ से केवल झूठ ही परोसा जा रहा है, झांग ने फिर शुरु किया ज़मीनी हकीकत की तस्वीरे लेना और सोशल मीडिया पर साझा करना। झांग वुहान में घूमघूम कर वीडियों औऱ तस्वीरे निकालती फिर लोगों तक पहुंचाती , और इस तरह झांग बन गई सीटिज़न जर्नलिस्ट, बतां दें की सीटिजन जर्नलिस्ट वह होता हैं जो किसी संस्था से ना जुड़कर अपने आप ही जानकारियां जुटा कर लोगों तक सफलता पूर्वक पहुंचाती है।

चीन में केवल झांग ही एक ऐसी पत्रकार नहीं थी जिनके साथ यह सब हो रहा था इससे पहले भी चीन में कई एक्टिविस्ट और पत्रकारों के साथ ऐसा ही हश्र हुआ था, शुरुआती दौर में झांग का जानकारियां पहुंचाने का माध्यम था, v chat जहां झांग सरकार के झूटे वायदों के बारे में लेख लिख कर सराकर की सच्चाई को दुनिया के सामने लाने का प्रयास करती थी, लेकिन क्योंकि चीन में इस प्रकार के ऐप पर सेंसरशिप लगा दिया जाता हैं, तो झांग धीरे धीरे u tube और twitter पर भी जाकर लेख लिखा करती वीडियों शेयर करती थी, हालंकि चीन में यह ऐप बैन हैं पर जनता चोरी छिपे इसका इस्तेमाल कर ही लेती हैं। फिर जब सरकार को यह सब बर्दाश्त ना हुआ कि कोई सरकार की पोल खोले तो चीनी सरकार ने झांग को 14 मई 2020 को झूठे लड़ाई झगड़े के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अभी हाल ही में 28 दिसंबर को झांग पर अदालती कार्यवाही की शुरुआत की गई हैं इस आरोप में कि झांग ने कोरोना वायरस से जुड़ी झूठी जानकारी दुनिया में फैलाई और अंतर्रराष्ट्रिय मीडिया संग मिलकर चीन की आंतरिक जानकारी जनता तक पहुंचाई।

झांग जो एक बेखौफ सीटिजन पत्रकार थी वे अब चीन की तानाशाह सरकार के खिलाफ जेल में सत्याग्रह पर हैं, झांग का कहना हैं कि किसी भी दमनकारी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए सत्याग्रह का रास्ता अपनाना बहुत ज़रुरी हैं। चीन में फैली क्रूरता के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को चीन में यूं ही दबा दिया जाता हैं। लेकिन सोचिए चीन में रह रहें ऐसे ही पत्रकारों का आखिर क्या भविष्य हैं? आखिर कब तक चीन केवल जनता में खौफ फैला कर ही शासन करता रहेंगा।

 

 

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