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BUDGET 2021: क्या इस साल के आम बजट से देश की अर्थव्यवस्था में होगी बढ़ोतरी?

BUDGET 2021 में होंगे ये अहम बदलाव

फरवरी 2021 को इस साल का आम बजट BUDGET 2021 पेश होने वाला हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का नया आम बजट पेश करने वाली है।क्या BUDGET 2021 में अर्थव्यवस्था को राहत के डोज की उम्मीद होगी?

कोरोना वायरस की मार के बाद घरेलू अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में फंसी हुई है सरकार पहले ही अधिक राजकोषीय घाटे और सुस्त रेवेन्यू की मार से जूझ रही है। प्रधानमंत्री लगातार बैठक कर के अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की कोशिश कर रहें है।

ताकि अर्थव्यवस्था की गाड़ी ग्रोथ की पटरी पर लौट आ जाए। इसका असर घरेलू बाजार पर भी होगा।साथ ही आपको यह बताऐंगे कि सरकार के सामने देश की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बजट पेश करने में कौन सी चुनौतियाँ होगी।

BUDGET 2021 में क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां 

अभी सरकार की प्राथमिकता में राजकोषीय घाटा नहीं होगा| अभी तक भारत सरकार ने करीब 17.2 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया है, जो जीडीपी का करीब 9 फीसदी है|  मगर राजकोषीय घाटे की सीमा को जीडीपी के 2 फीसदी तक ही रखा है।

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दूसरी चुनौती होगी -BUDGET 2021 में दूसरी चुनौती होगी अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ावा देना की, अर्थव्यवस्था में खपत को बढ़ावा देनाके लिए नकदी की जरूरत होती हैं जिसके लिए सरकार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर करना होता है। खपत को बढ़ाने के लिए एलटीसी स्कीमों या वाउचर्स का भी सहारा लिया जा सकता है।

तीसरी चुनौती होगी –सरकार की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आय और खर्च की नई रूपरेखा तैयार करनाक्योंकि मौजूदा रूपरेख कोरोना वायरस जैसे आपदा के चलते खराब हो चुकी है|

चौथी चुनौती  होगी – अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए राहत पैकेज देना। सरकार अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए BUDGET 2021 में सरकार को कई किस्म के राहत पैकेज भी देने होगे|  जिसके लिए सरकार को सरकारी एसेट्स की बिक्री, कर्ज और बड़े स्तर पर निजी करण और विनिवेश की योजना पर गौर करना होगा।

पांचवी चुनौती होगी – बैंकों को NPA बढ़ने का डर सता रहा है| इसलिए जरूरत है कि बैंकिंग तंत्र को डूबे कर्ज की चिंता से उबारने के लिए एक बैंड बैंक या AMC  (वार्षिक रखरखाव अनुबंध) तैयार की जा सकती है साथ ही सरकारी बैंकों को मजबूती देने के लिए सरकार को उनमें हिस्सेदारी कम करने जरूरत पड़ सकती है।

छटी चुनौती -ये भी हो सकती है की ग्रामीण योजनाओं के लिए अधिक पूंजी की जरूरत पड़े. ताकि’वोकल फॉर लोकल’ योजना के तहत कृषि सेक्टर में आय को बढ़ाया जा सके|

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सातवी चुनौती – देश के सभी वर्गों के लिए भोजन सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बढ़ाया जा सकता है ताकि सभी को मुफ्त या कम दाम पर खाना मिल सके। इसके अलावा ये भी हो सकती है की टैक्स बढ़ाना या नया टैक्स लगाना,जैसा की आप जानते है कोरोना वायरस ने रोजगार सेक्टर की कमर तोड़ दी है।

कई लोगों की आय घटी है जबकि बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुआ है। ऐसे में टैक्स बढ़ाना या नया टैक्स लगाना लोगों का परेशानी बढ़ा सकती है। इसके साथ ही सरकार को रोजगार पर भी ध्यान देना होगा। इसी के साथ आपको बता दे की  सरकार का BUDGET 2021 कुछ सेक्टर्स को बूस्ट करने पर केन्द्रित होगा, जो अभी फ़िलहाल कोरोना के कारण दबाव बुरी तरह झेल रहे हैं।

इनमें एविएशन और सेवा उद्योग शामिल हैं। इन्हें संकट से उबारने के लिए सरकार को नीति बनानी होगी, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष चाहता हैं की COVID-19 महामारी के चलते सत्र नहीं बुलाया जाना चाहिए।

रिपोर्ट- निशांत कुमार

मीडिया दरबार

 

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