अंतर्राष्ट्रीय

Google के पूर्व इंजिनियर पर खुफिया जानकारी चुराने का आरोप, हुई जेल !

तकरीबन 2 वर्ष पहले, तकनीकी दुनिया की जानी-मानी ग्लोबल कंपनी, गूगल के एक पूर्व इंजिनियर पर गोपनीय जानकारी चुराने का अपराधिक आरोप लगाया गया था. बाद में, उस इंजिनियर ने जिसका नाम एंथनी लेवनडाउस्की  कर के सामने आया है, उसने ऑटोमोबाइल “उबर” कंपनी से हाथ मिला लिया था. बीते मंगलवार, 4 अगस्त को अमेरिकन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उसे खुफिया तकनीकी जानकारी चुराने के जुर्म में 18 महीनों का कारागार और लगभग 8 लाख 50 हज़ार डॉलर की भरपाई करने की सजा सुनायी है.

तो चलिए जानते है कि आखिर क्या है गूगल कंपनी के पूर्व इंजिनियर से जुड़ा पूरा मसला !!

दरअसल, गूगल कंपनी साल 2009 से रोबोटिक कार बनाने का एक “वायमो” नामक प्रोजेक्ट तैयार कर रही थी जिसमे, एंथनी लेवनडाउस्की  बतौर इंजिनियर का काम कर रहे थे और प्रोजेक्ट से जुड़े पूरे समूह के संस्थापक भी थे. लेकिन जनवरी 2016 में उन्होंने प्रोजेक्ट के बीच में ही बिना कोई जानकारी दिए, इस्तीफ़ा दे दिया. गूगल के पूछताछ करने पर पता चला कि, लेवनडाउस्की अब अपना खुद का “ऑटो” स्टार्टअप चलाने में दिलचस्पी रख रहें हैं. बाद में ख़बर आई कि, उबर कम्पनी ने लेवनडाउस्की को अच्छी-ख़ासी रकम में ख़रीद लिया और अब ये वहाँ पर रोबोटिक कार निर्माण करने का काम कर रहे हैं.

गूगल कंपनी को छोड़ने से पहले, एंथनी लेवनडाउस्की  ने किसी को भी बिना बताए बिना ड्राईवर की मदद से चलने वाले वाहन की निर्माण परियोजना की तकनीकी जानकारी को डाउनलोड कर लिया था. जिस पर गूगल कंपनी के एक अधिकारी, अटोर्नी डेविड एंडरसन ने कहा कि, हम सभी अपनी इच्छा-अनुसार अपनी नौकरी छोड़ या बदल सकते हैं लेकिन किसी को भी कंपनी से जाते हुए अपनी जेब भरने का कोई अधिकार नहीं.” लेवनडाउस्की की यह हकीकत तब सामने आई जब गूगल कंपनी के “वायमो” प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने सामान्य तरह की खोज करने का दोष पूरी की पूरी उबर कंपनी के सिर थोप दिया. जिसके चलते, साल 2017 में उबर ने लेवनडाउस्की को किसी और की खुफिया परियोजना जानकारी चुराने के मामले में दोषी ठहराते हुए अपनी कम्पनी से निकाल दिया और वहीँ दूसरी तरफ गूगल ने उबर के साथ समझौता कर लिया.

सारे मामले की जांच पड़ताल करने और लेवनडाउस्की के जुर्म कूबूलने के बाद, अमेरिका के सैन रेमन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज, विलियम अल्सुप ने 4 अगस्त 2020 यानि मगलवार के दिन गूगल के पूर्व इंजिनियर, 39 वर्षीय एंथनी लेवनडाउस्की को 18 महीनो की जेल का फैसला सुनाया है. साथ ही, कोर्ट ने उन पर दूसरों की बौद्धिक संपदा के साथ छेड़ खानी करने के जुर्म में 18 लाख 50 हज़ार डॉलर से अधिक जुर्माना लगाया है. बता दें, एंथनी लेवनडाउस्की के ऊपर गूगल रोबोटिक वाहन की परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी के अलावा लगभग 33 चोरी के ऐसे ही मामले और सामने आये हैं.

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